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Monday, June 22, 2026
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सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की धमकी, रक्षा मंत्री बोले- जल सुरक्षा से समझौता हुआ तो युद्ध भी विकल्प

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सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान की जल सुरक्षा को खतरा पहुंचा या सिंधु नदी प्रणाली के जल प्रवाह को प्रभावित करने की कोशिश की गई, तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई सहित सभी विकल्पों पर विचार कर सकता है।

एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पानी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत जल संसाधनों को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है तथा सिंधु जल संधि की मूल भावना को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।

जल सुरक्षा को बताया राष्ट्रीय मुद्दा

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि देश की कृषि, अर्थव्यवस्था और करोड़ों लोगों की आजीविका सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है। ऐसे में यदि जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है, तो उसे पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ कदम मानेगा।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस्लामाबाद अपनी जल सुरक्षा की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और जरूरत पड़ने पर कड़े फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेगा।

पहलगाम हमले के बाद बढ़ा विवाद

पाकिस्तान का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को लेकर अपना रुख और सख्त किया है। हाल के महीनों में भारत के कई वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि देश अपने हिस्से के जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग करेगा और भविष्य की जल नीति को राष्ट्रीय हितों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

इसी पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की चिंता और बयानबाजी दोनों तेज होती दिखाई दे रही हैं।

जल संकट से जूझ रहा पाकिस्तान

विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान पहले से ही गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जबकि कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

ऐसे में सिंधु जल संधि का मुद्दा वहां केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

हालांकि भारत की ओर से ख्वाजा आसिफ के बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकते हैं।

सिंधु जल संधि दशकों से भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे का आधार रही है। बावजूद इसके, हालिया घटनाक्रमों और बढ़ती बयानबाजी ने इस समझौते के भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के रुख और कूटनीतिक गतिविधियों पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।