
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान उस समय असामान्य स्थिति बन गई जब एक याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) और पीठ के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, उसने अदालत में अपने दस्तावेज हवा में उछाल दिए और कहा, “मैं आपको आदेश देता हूं।” याचिकाकर्ता के इस व्यवहार से अदालत का माहौल तनावपूर्ण हो गया। पीठ ने उसके आचरण पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि न्यायालय की गरिमा और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता बार-बार अदालत की बात काटता रहा और तीखी टिप्पणियां करता रहा। जब उसे संयम बरतने की सलाह दी गई तो उसने दस्तावेज फेंक दिए और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद अदालत ने उसके व्यवहार पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक पक्षकार को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन न्यायपालिका और न्यायाधीशों के प्रति अपमानजनक भाषा या अनुशासनहीन व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना के बाद न्यायालय की गरिमा, अनुशासन और न्यायिक संस्थाओं के सम्मान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।












