17.6 C
New York
Friday, May 29, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Home news चारधाम यात्रा में घोड़ा-खच्चरों के लिए नई SOP लागू, ओवरलोडिंग और क्रूरता...

चारधाम यात्रा में घोड़ा-खच्चरों के लिए नई SOP लागू, ओवरलोडिंग और क्रूरता पर सख्ती

7
उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा, खासकर केदारनाथ धाम मार्ग पर संचालित होने वाले घोड़ा-खच्चरों के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। नई व्यवस्था के तहत पशुओं के साथ क्रूरता, तेज दौड़ाने और क्षमता से अधिक वजन लादने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम पशु कल्याण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

प्रशासन के अनुसार, यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों को पीटने, जबरन दौड़ाने और ओवरलोडिंग करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई के साथ संचालन की अनुमति भी रद्द की जा सकती है।

नई SOP के तहत सभी घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और बीमा अनिवार्य कर दिया गया है। बिना मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और पंजीकरण वाले किसी भी पशु को यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन और पशुपालन विभाग ने विशेष सत्यापन अभियान भी शुरू कर दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि बिना अनुमति वाले पशु मार्ग में प्रवेश न कर सकें। पशुपालन विभाग की टीमें लगातार पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी करेंगी। साथ ही पशुओं के लिए चारे, गर्म पानी और आराम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने शाम के बाद घोड़ा-खच्चरों के संचालन पर भी निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। निर्धारित संख्या से अधिक पशुओं का उपयोग करने और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चारधाम यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और पशु हितों के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि नई SOP लागू होने से यात्रा संचालन अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पशु कल्याण और यात्री सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने सभी संचालकों से नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है, ताकि चारधाम यात्रा सुचारु और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।