
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की संशोधित पाठ्यपुस्तक जारी करते हुए कई अहम बदलाव किए हैं। नए संस्करण में एडोल्फ हिटलर और नाजी विचारधारा से जुड़े संदर्भ हटा दिए गए हैं। इसके अलावा न्यायपालिका पर आधारित अध्याय को पूरी तरह संशोधित किया गया है और देश के विभाजन (पार्टिशन) से जुड़े घटनाक्रम में कांग्रेस की भूमिका की प्रस्तुति में भी बदलाव किया गया है।
संशोधित पुस्तक में न्यायपालिका से संबंधित अध्याय को अधिक पारंपरिक नागरिक शास्त्र के स्वरूप में तैयार किया गया है। अब इसमें न्याय व्यवस्था, संवैधानिक उपचार, अदालतों की भूमिका, न्यायाधिकरणों और विवाद निपटान की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई है। इससे पहले इस अध्याय को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद एनसीईआरटी ने इसमें संशोधन किया।
नई पाठ्यपुस्तक में भारत के विभाजन से जुड़े घटनाक्रम का विवरण भी बदला गया है। इसमें कांग्रेस की भूमिका को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है और कुछ नए ऐतिहासिक संदर्भ भी शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित अध्याय में एडोल्फ हिटलर और नाजी विचारधारा का उल्लेख पूरी तरह हटा दिया गया है। यह बदलाव संशोधित पाठ्यक्रम के तहत किए गए व्यापक परिवर्तनों का हिस्सा माना जा रहा है।
एनसीईआरटी की इन संशोधित पुस्तकों को लेकर शिक्षा और इतिहास लेखन पर एक बार फिर बहस तेज होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाठ्यक्रम में किए गए बदलाव विद्यार्थियों की ऐतिहासिक और नागरिक समझ को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक और शैक्षणिक वर्गों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।












