नंदा देवी पर्वत रेंज की सुरक्षा में “वन देवी” महिलाशक्ति

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उत्तराखंड वन विभाग ने देश की सबसे दुर्गम चोटियों में से एक नंदा देवी रेंज में महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। नंदा दवी की चोटी को भारत में हिमालय की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माना जाता है। और आजादी के 77 साल बाद ये पहला मौका है जब वनों की रक्षा के लिए वन विभाग की ओर से महिला शक्ति की तैनाती की गई है।

वन्य जीवों और स्थानीय लोगों की तस्करों, जंगली जानवरो से रक्षा कर रही बेटियां

नंदा देवी वन के अंतर्गत वन और दुर्लभ वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए पहली बार दो महिला वन दरोगा और एक महिला वन आरक्षी को शामिल किया गया है।

आपको बता दें कि नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व में अभी तक सिर्फ पुरुषों की ही तैनाती होती थी, और वही पूरे लंबे इलाके में गश्त लगाकर तस्करों एवं अन्य खतरों से इलाके की निगरानी करते थे।

नंदा देवी पर्वत भारत की दूसरी और विश्व की 23वीं सर्वोच्च चोटी है। चमोली जिले में गौरीगंगा और ऋषि गंगा घाटी के बीच स्थित नंदा देवी पर्वत क्षेत्र 7817 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है। व

जून, 2021 में वन विभाग का सुरक्षा दल लाता खर्क, भेंटा, धारसी और सैनी खर्क की निगरनी में निकला तो इस दल के 12 सदस्यों में पहली बार तीन महिलाएं भी शामिल हुईं, इनमें वन दारोगा ममता कनवासी, दुर्गा सती और वन आरक्षी के तौर पर रोशनी शामिल थे।

रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल के निर्देशन में महिला वन दरोगा व वन आरक्षी को लंबी दूरी की गश्त के लिए तैयार किया गया।

वन विभाग की टीम के साथ महिला वन अधिकारियों ने अति दुर्गम इलाके में 60 किलोमीटर से ज्यादा की पैदल दूरी तय की। इस दौरान उन्होंने ऊंचे ग्लेशियरों और पैदल पगडंडियों को पार किया।

नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व के निदेशक/वन संरक्षक अमित कंवर के मुताबिक नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में तीन टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में दुर्लभ वन्य जीव, जड़ी-बूटियों की तस्करी, शिकार, अवैध पेड़ों के कटान व अतिक्रमण का निरीक्षण करने के लिए लंबी दूरी की गश्त पर गई थीं। दूसरी टीम के 12 सदस्यों में तीन महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया था। एक सप्ताह तक ऊंचे हिमालय क्षेत्र में निरीक्षण कर ये दल अब लौट आया है।

महिला वन सुरक्षाकर्मियां जुटा रहीं अतिदुर्गम वनस्पतियों और जीवों की जानकारी

प्रकृति को लेकर महिलाओं में वातस्ल्यता का भाव स्वाभाविक ही है और पहली बार नंदा देवी फोरेस्ट रेंज में पहुंची वन सुरक्षा कर्मियों में ये होना स्वाभाविक है। सुरक्षा के साथ साथ महिला टीमें इलाके को सही से समझने के लिए वहां के जीव जंतुओं और वनस्पतियों की भी जानकारी जुटा रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार के बदलाव को जल्द रेखांकित कर सकें, और हिमालय पर मौजूद अतिदुर्लभ जीव जंतुओं और वनस्पतियों की तस्वीरें इत्यादी इकट्ठा कर जन-जन को इनसे परिचित करवाया जा सके।