
धर्मनगरी हरिद्वार में कुंभ जैसे बड़े आयोजन से पहले व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हर की पैड़ी के पास एक महिला द्वारा गंगा में अपने पालतू कुत्ते को नहलाने और गंग नहर में युवकों द्वारा मछलियां मारने की घटनाओं ने धार्मिक संगठनों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हरियाणा और दिल्ली से आई कुछ महिलाएं पहले अपने कुत्ते को गंगा में नहलाने लगीं। इस दौरान व्यवस्थापकों से उनकी कहासुनी भी हुई, लेकिन विरोध के बावजूद महिला ने कुत्ते को नहलाया और चेतावनी तक दे डाली। यह घटना हर की पैड़ी घाट के पास हुई, जिसे लेकर प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, गंग नहर के एक हिस्से में कुछ युवक डंडों से मछलियां मारते नजर आए। बताया जा रहा है कि ये युवक खुलेआम इस गतिविधि में लगे थे और रोकने की कोशिश करने वालों को भी उन्होंने डांटकर भगा दिया। इस घटना को भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना जा रहा है।
श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने इन घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की पहचान एक पवित्र तीर्थ के रूप में है, जहां गंगा घाटों की विशेष धार्मिक महत्ता है। ऐसे में इस तरह की गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ भी हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो कुंभ के दौरान इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।
कुंभ से पहले इस तरह की घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही हैं, क्योंकि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और शहर की पवित्र छवि को बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।













