उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने कोरोना महामारी में ज्यादा पैसे वसूलने वाले निजी अस्पतालों पर सख्त कार्यवाही का आदेश दिया

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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उन निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जो निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।उन्होंने अटल आयुष्मान कार्ड का लाभ न देने वाले कतिपय निजी अस्पतालों पर भी एक्शन लेने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर अस्पतालों के निरीक्षण भी करने को कहा। मुख्यमंत्री शनिवार को राज्य सचिवालय में कोविड -19 के नियंत्रण एवं कोविड वैक्सीनेशन की प्रगति के संबंध में जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि टेस्टिंग, माइक्रो कंटेनमेंट जोन, कोविड अप्रोप्रियेट बिहेवियर और इंफोर्समेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, आर मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज पाण्डेय, डीजी स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, वर्चुअल माध्यम से सभी कमिश्नर, जिलाधिकारी, एसएसपी, सीएमओ आदि उपस्थित थे।उन्होंने कोविड की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रखने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में तैयारियां अच्छी हैं, लेकिन इन व्यवस्थाओं को कैसे और आगे बढ़ाया जा सकता है, इस पर ध्यान दिया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग और वैक्सीनेशन को और बढ़ाया जाए। इसके लिए नियमित शिविर लगाए जाएं। मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाओं एवं सभी प्रकार की आवश्यक सामग्री की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए।किसी भी प्रकार की चुनौती के लिए रहें तैयारमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने को तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन, आईसीयू बेड, वेंटिलटर की पर्याप्त व्यवस्था है। जिलों के अलावा सीएचसी स्तर तक भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। डीआरडीओ के सहयोग से ऋषिकेश एवं हल्द्वानी में स्थापित कोविड केयर सेंटर से भी राज्य को काफी मदद मिलेगी।बैठक में मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि कोविड की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत अगले दो माह विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 40 हजार टेस्टिंग का लक्ष्य जरूर पूरा किया जाए। जागरुकता अभियान  पर जोरउन्होंने कहा  कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लिए जागरूकता अभियान निरंतर चलता रहे। प्रचार के लिए नए माध्यमों पर ध्यान दिया जाए। इसके लिए रंगमंच कर्मियों का सहयोग लिया जाए, इससे जागरूकता भी अच्छी होगी। मुख्य सचिव ने कहा कि इन्फोर्समेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। मरीजों को लूटने वाले प्राइवेट अस्पतालों से 18 लाख की रिकवरीराजधानी देहरादून के तमाम छोटे-बड़े प्राइवेट अस्पताल इलाज के नाम पर मरीजों को लूट रहे हैं। मरीजों से ज्यादा धनराशि वसूली जा रही है। ऐसे अस्पतालों से स्वास्थ्य विभाग अब तक 18 लाख से अधिक की रिकवरी कर मरीजों को पैसा लौटा चुका है। शनिवार को सीएमओ डॉ. अनूप कुमार डिमरी ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव को यह जानकारी दी। 

कोरोना काल में कई प्राइवेट अस्पतालों के अमानवीय और असंवेदनशील चेहरे सामने आ रहे हैं। सरकार और प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद अस्पतालों में मरीजों के साथ लूट जारी है। बेड, दवा, आईसीयू, वेंटिलेटर के नाम पर मरीजों की जेब काटी जा रही है।खुद सीएमओ डॉ. अनूप डिमरी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक मरीजों को 18 लाख से ज्यादा धनराशि लौटाई जा चुकी है। ये तो सिर्फ वो धनराशि है, जिसकी मरीजों या तीमारदारों ने शिकायत की है। जबकि, बड़ी संख्या में ऐसे मामले भी हैं, जिसमें मरीज और उनके तीमारदारों ने शिकायत भी दर्ज नहीं कराई है।देहरादून जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अधीनस्थ अधिकारियों को बच्चों का विवरण मंगलवार तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी बच्चों का ब्योरा जुटाया जाए, जिनके माता, पिता या संरक्षण की मृत्यु कोविड संक्रमण के दौरान हो गई हो।