
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट’ नीति को अंतिम रूप दे दिया है। नई नीति के तहत प्रदेश के सभी 13 जिलों के लिए एक-एक प्रमुख खेल का चयन किया गया है, जिन पर विशेष फोकस करते हुए खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार चुने गए खेल
खेल विभाग के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य प्रत्येक जिले की भौगोलिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विशेषताओं के आधार पर खेलों का विकास करना है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और राज्य राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत खिलाड़ी तैयार कर सकेगा।
देहरादून में शूटिंग, हरिद्वार में हॉकी पर फोकस
नई नीति के तहत देहरादून के लिए शूटिंग, हरिद्वार के लिए हॉकी, ऊधमसिंह नगर के लिए एथलेटिक्स और नैनीताल के लिए फुटबॉल जैसे खेलों का चयन किया गया है। पर्वतीय जिलों में भी स्थानीय परिस्थितियों और खिलाड़ियों की रुचि को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग खेल निर्धारित किए गए हैं।
नीति के तहत चयनित खेलों के लिए विशेष कोचिंग, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और खेल अवसंरचना विकसित की जाएगी। सरकार स्कूल और कॉलेज स्तर पर भी इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना बना रही है, ताकि कम उम्र से ही प्रतिभाओं की पहचान की जा सके।
खिलाड़ियों को जिले में ही मिलेंगी सुविधाएं
खेल मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को खेल हब के रूप में विकसित करना है। नीति लागू होने के बाद खिलाड़ियों को अपने जिले में ही बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएं और पेशेवर मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी आगे आने का अवसर मिलेगा और राज्य में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी।













