अफगानिस्तान पर होने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के लिए पकिस्तान NSA को भी न्योता, पकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जल्द एक ,मंच पर नजर आ सकते हैं।

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भारत और पकिस्तान के रिश्तों की गर्माहट में सुधार होती दिख रही हैं। पिछले कुछ दिनों से मिल रहे संकेत यही इसरा कर रहे हैं। कि बातचीत के दरवाजे फील खुल सकते हैं ऐसा अनुमान है कि पकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जल्द एक,मंच पर नजर आ सकते हैं। भारत ने अफगानिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेस बुलाई हैं जिसमें पाकिस्तान को भी न्योता  भेजा गया हैं।

अगले महीनें में अफगानिस्तान कि स्थिति पर पर दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA)की बैठक होनी हैं। इसकी मेजबानी भारत करेगा। इस बैठक में कई अन्य देशों के साथ रूस और पाकिस्ता्न को भी न्यो्ता दिया गया है। बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय रक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल करेंगे।

कॉन्‍फ्रेंस के लिए पाकिस्‍तान के अलावा रूस, चीन, ईरान, ताजिकिस्‍तान और उज्‍बेकिस्‍तान को भी न्‍योता दिया गया है। यह देखना दिलचस्‍प होगा कि कॉन्‍फ्रेंस में पाकिस्‍तान की क्‍या भूमिका रहती है। पाकिस्‍तानी NSA मोईद युसूफ भारत आकर कॉन्‍फ्रेंस में शामिल होंगे या नहीं, यह भी एक सवाल है। अगर युसूफ भारत आते हैं तो उनकी यात्रा पर सबकी नजरें होंगी। आखिरी बार पाकिस्‍तान से इस स्‍तर का कोई अधिकारी 2016 में भारत आया था।

इसी महीने की शुरुआत में भारत ने (SCO)एंटी-टेरर एक्‍सरसाइज के लिए तीन सीनियर अधिकारियों को पाकिस्‍तान भेजा था। फरवरी 2021 में दोनों देशों के बीच बैक-डोर बातचीत के चलते 2003 संघर्ष विराम समझौते को लेकर नई सहमति बनी थी। अफगानिस्‍तान में तालिबान के सत्‍ता पर काबिज होने से क्षेत्रीय संतुलन बदल गया है। ऐसे में भारत अगर पाकिस्‍तान को बातचीत के सिग्‍नल दे रहा है तो पाकिस्‍तान की ओर से भी थोड़ी गर्मजोशी नजर आई है। शनिवार को पाकिस्‍तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता आसिम इफ्तिखार ने कहा कि ‘नीति के आधार पर, उनका देश नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम जारी रखना चाहता है।

दोनों देशों के बीच रिश्‍ते सुधरने की उम्‍मीद जताई गई। हालांकि काबुल में सत्‍ता-परिवर्तन पाकिस्‍तान के मन-मुताबिक हुआ है और भारत नई हुकूमत के रवैये को लेकर संशकित है। सीमापार से आतंकवाद का खतरा बढ़ गया है।

भारत और पाकिस्‍तान के बीच पर्दे के बीच बातचीत चलती रही है। दोनों देशों के मिलिट्री और इंटेलिजेंस अधिकारियों के बीच बैक-डोर बातचीत का नतीजा फरवरी 2021 में दिखा। भारत और पाकिस्‍तान दोनों ही, 2003 में हुए संघर्ष विराम समझौते का पालन करने पर सहमत हुए। उसके बाद से एलओसी पर सीजफायर उल्‍लंघन में खासी कमी देखने को मिली। हालांकि सितंबर-अक्‍टूबर के महीने में घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों में तेजी दिखी है। अक्‍टूबर 2021 की शुरुआत में भारत ने तीन सदस्‍यीय दल को SCO एंटी-टेरर एक्‍सरसाइज में हिस्‍सा लेने इस्‍लामाबाद भेजा।

माना जाता है कि इस क्षेत्रीय सम्मलेन में चीन, इरान, ताजिकस्तान और पाकिस्तान को भी बुलाया गया है। इसमें अफगानिस्तान में मानवीय संकट के मसलों पर बातचीत होगी। साथ ही सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। तालिबान से दुनिया को जैसी अपेक्षाएं हैं, उसके बारे भी अवगत कराया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि जिन देशों के एनएसए(NSA)को आमंत्रित किया गया है, उन्होंने पहले ही भारत से इनविटेशन मिल चुका है। हालांकि, इस कॉन्‍फ्रेंस में तालिबान को न्योता नहीं दिया गया है। यह बैठक नवंबर के दूसरे हफ्ते में प्रस्तावित है।