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Friday, July 3, 2026
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महाराष्ट्र में स्कूलों के 500 मीटर दायरे में नहीं बिकेगी स्टिंग एनर्जी ड्रिंक, विधानसभा में सरकार का बड़ा फैसला

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महाराष्ट्र सरकार ने स्टिंग एनर्जी ड्रिंक की बिक्री को लेकर सख्त कदम उठाते हुए स्कूलों के आसपास इसकी बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी जिरवाल ने विधानसभा में घोषणा की कि राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में स्टिंग एनर्जी ड्रिंक नहीं बेची जा सकेगी।

सरकार का कहना है कि यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बताया गया कि स्टिंग एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा सामान्य पेय पदार्थों की तुलना में अधिक होती है, जिसे देखते हुए स्कूलों के आसपास इसकी बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गलत ब्रांडिंग और भ्रामक दावों के आरोप में छह प्रमुख एनर्जी ड्रिंक ब्रांडों को नोटिस जारी किया था। इनमें रेड बुल एनर्जी ड्रिंक, पेप्सिको की एड्रेनालाईन रश, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की कैम्पा एनर्जी ड्रिंक गोल्ड बूस्ट, स्टिंग एनर्जी ड्रिंक, हेल एनर्जी और मॉन्स्टर एनर्जी शामिल हैं।

भाजपा विधायक ने उठाया था मुद्दा

श्रीगोंदा-नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने विधानसभा में स्टिंग एनर्जी ड्रिंक को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस पेय का बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि स्टिंग की बोतल पर स्पष्ट लिखा होता है कि यह छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं है, इसके बावजूद इसकी बिक्री बच्चों को की जा रही है।

विधायक ने दावा किया कि स्टिंग एनर्जी ड्रिंक स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है और इसकी बिक्री पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता है।

मंत्री ने विधानसभा में किया बड़ा ऐलान

विधायक के सवाल का जवाब देते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी जिरवाल ने स्वीकार किया कि स्कूलों के आसपास स्टिंग एनर्जी ड्रिंक की बिक्री हो रही है। उन्होंने घोषणा की कि स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों के साथ-साथ स्टिंग एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा।

राज्यभर में जारी है एफडीए की कार्रवाई

विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे भी मौजूद रहे। सरकार ने बताया कि राज्यभर में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।

अन्य उत्पादों की भी होगी जांच

भाजपा विधायक राहुल कुल ने विधानसभा में मांग की कि स्कूलों के आसपास ऊर्जा बढ़ाने के नाम पर बेचे जा रहे अन्य पेय पदार्थों, फ्लेवर पान की आड़ में बिक रहे नशीले उत्पादों और फ्लेवर मिल्क के नाम पर अधिक चीनी व कृत्रिम पदार्थों के इस्तेमाल की भी जांच कराई जाए। इस पर मंत्री नरहरी जिरवाल ने कहा कि एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में इन सभी मामलों की जांच पहले से जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुंबई के कई प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने हाल ही में मुंबई के छह प्रमुख होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और क्लबों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की है। 27 जून को नरीमन पॉइंट स्थित फ्लिंट एंड वार्सा रेस्टोरेंट में जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गलत ब्रांडिंग पाए जाने पर उसका फूड सेफ्टी लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।

इसके अलावा बोरीवली स्थित एमके बेकरी में निर्माण कार्य के दौरान खाद्य उत्पादन जारी रखने और परिसर में गंदगी मिलने पर कार्रवाई की गई। वहीं भांडुप, सांताक्रूज और बांद्रा स्थित कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी एफडीए ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की है।