
खराब मौसम के कारण दो दिनों से स्थगित चारधाम यात्रा सोमवार को मौसम में सुधार के बाद फिर शुरू कर दी गई। चारधाम यात्रा नियंत्रण संगठन, ऋषिकेश से मिले निर्देशों के बाद जिलाधिकारी ने यात्रा पर लगी रोक हटाने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की ओर जाने की अनुमति दे दी गई है।
यात्रा बहाल होने के बाद प्रशासन ने पुलिस और तहसील स्तर के अधिकारियों को यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, प्रदेश के कई पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का दौर अभी जारी है। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों और यात्रा नोडल अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने को कहा है।
अधिकारियों को यात्रा मार्गों की स्थिति पर नजर रखने और किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
बारिश और भूस्खलन से 123 सड़कें बंद
प्रदेश में लगातार हुई बारिश और भूस्खलन का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है। राज्य में अभी 123 सड़कें बंद हैं। इनमें 79 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।
सबसे ज्यादा असर पौड़ी जिले में देखने को मिला है, जहां 27 मार्ग बंद हैं। इसके अलावा नैनीताल में 22, अल्मोड़ा में 20, चमोली में 14, पिथौरागढ़ में 13, टिहरी में आठ, देहरादून और उत्तरकाशी में छह-छह, रुद्रप्रयाग में चार, बागेश्वर में दो और चंपावत में एक सड़क बंद है।
सड़कें बंद होने के कारण कई पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित है। संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने के लिए काम किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
चारधाम यात्रा दोबारा शुरू होने के बावजूद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति और मौसम की जानकारी जरूर लें।
यात्रा मार्गों पर अधिकारियों को निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए शनिवार और रविवार को चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई थी। इस दौरान कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कें बंद होने से यातायात प्रभावित हुआ। अब मौसम में सुधार के बाद यात्रा बहाल होने से धामों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिली है।











