
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता समेत कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, रातभर चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और कुछ देर बाद सुबह करीब पांच बजे छोड़ दिया।
कांग्रेस ने अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे बेबस माता-पिता के साथ बेरहमी से की गई कार्रवाई बताया।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग
अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि बेटी की हत्या के मामले में चल रही सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था। इस नियुक्ति को लेकर अंकिता के मामले में न्याय की मांग कर रहे लोगों ने सवाल उठाए हैं।
सितंबर 2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंतरा टूरिस्ट रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया था और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठती रही है।
दुष्यंत गौतम ने आरोपों को किया खारिज
दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। देहरादून के डालनवाला थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, उन्होंने हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर सहित अन्य अज्ञात लोगों पर उनके खिलाफ कथित रूप से सुनियोजित आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया था।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग और राज्यपाल नियुक्ति पर उठ रहे सवालों के बीच यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाने के अनुरोध पर विचार किया जाए।











