
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार राज्यों में 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियों, हथियार तस्करी और संदिग्ध नेटवर्क की जांच के तहत की गई। एजेंसी की इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर ड्रोन के माध्यम से भारत में हथियार, विस्फोटक और अन्य संदिग्ध सामग्री पहुंचाने की साजिश रच रहे थे। इसी इनपुट के आधार पर पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और जम्मू-कश्मीर में कई संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
एनआईए अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क और उसके विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित कर देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा था। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्धों के विदेशी संपर्क और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सुराग भी मिले हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन और हथियारों की आपूर्ति कैसे की जा रही थी।
केंद्र सरकार ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का अहम हिस्सा बताया है। अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क और हथियार तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एनआईए की इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं तथा कई अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी की संभावना है।












