
पंजाब पुलिस ने भारत-पाक सीमा से जुड़े एक बड़े अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से आठ विदेशी पिस्तौल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे तस्करों के संपर्क में था और ड्रोन के जरिए पंजाब में हथियारों की खेप मंगाई जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में आए थे। इसके बाद सीमावर्ती इलाकों, खासकर अटारी सेक्टर के आसपास ड्रोन के जरिए हथियार गिराए जाते थे। आरोपित इन हथियारों को उठाकर पंजाब के अलग-अलग जिलों में सप्लाई करते थे।
अमृतसर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक विदेशी हथियारों की खेप लेकर शहर में पहुंचने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से विदेशी निर्मित पिस्तौल, कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल कर रहा था। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क पंजाब में अपराधियों और गैंगस्टरों तक आधुनिक हथियार पहुंचाने का काम कर रहा था। बरामद हथियारों में ऑस्ट्रिया, इटली और अमेरिका निर्मित पिस्तौल शामिल बताई जा रही हैं।
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने हथियार पंजाब में सप्लाई किए जा चुके हैं और किन अपराधियों तक इन्हें पहुंचाया गया।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।













