
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण करदाताओं के लिए टैक्स व्यवस्था को और आसान बनाने के साथ रिफंड प्रक्रिया को भी बेहतर करेगा। इससे कारोबारियों का भरोसा बढ़ेगा और उन्हें निवेश तथा कारोबार के विस्तार में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से विकसित भारत की नींव और मजबूत होगी।
नियमों के पालन की प्रक्रिया होगी आसान
प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जीएसटी सुधारों से जुड़े लेख का उल्लेख करते हुए कहा कि नई पीढ़ी का जीएसटी कर व्यवस्था को अधिक सरल और अनुमान लगाने योग्य बना रहा है। इसका फायदा कारोबारियों के साथ आम परिवारों को भी मिल रहा है।
सरकार का जोर ऐसी कर व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें करदाताओं को अनुपालन की प्रक्रिया पूरी करने में कम समय और कम लागत लगे।
रजिस्ट्रेशन से रिफंड तक प्रक्रियाओं में बदलाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, नेक्स्ट-जेन जीएसटी सुधारों के दो प्रमुख उद्देश्य हैं—करदाताओं को राहत देना और अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाना। सुधारों के अगले चरण में रजिस्ट्रेशन, रिटर्न दाखिल करने, रिफंड, विवादों के निपटारे और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया जाएगा।
इन प्रक्रियाओं के आसान होने से खासकर छोटे कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है। वहीं, रिफंड प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता बढ़ने से कारोबारियों की कार्यशील पूंजी की स्थिति बेहतर हो सकती है।
अप्रैल से सितंबर के बीच 1.80 लाख करोड़ रुपये का रिफंड
सरकार के मुताबिक, जीएसटी सुधारों का उद्देश्य केवल करदाताओं को राहत देना नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और राजस्व व्यवस्था को मजबूत करना भी है। वित्त मंत्री ने बताया कि अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये का रिफंड किया गया।
वहीं, राज्यों के जीएसटी राजस्व में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का मानना है कि सरल और पारदर्शी कर व्यवस्था से कारोबारियों को उत्पादन, खरीद और कारोबार के विस्तार की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
जीएसटी परिषद की 7 अक्टूबर को होने वाली बैठक से पहले सरकार ने सुधारों के अगले चरण को लेकर अपना पक्ष सामने रखा है। बैठक में रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, विवाद निपटारे और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी प्रक्रियाओं को और आसान बनाने के प्रस्तावों पर चर्चा होनी है।












