
कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को संसद से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च शुरू किया। हालांकि, पुलिस ने सांसदों को नीति आयोग कार्यालय के पास रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गए और निर्वाचन आयोग की ओर बढ़ने की कोशिश की।
नीति आयोग के पास रोका गया मार्च
इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद से निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। सांसदों के हाथों में कथित वोट चोरी और SIR के विरोध से जुड़े पोस्टर और नारे थे। पुलिस ने उन्हें नीति आयोग कार्यालय के सामने रोक दिया। यह स्थान नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच उस मार्ग पर है, जो निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर जाता है।
पुलिस की रोक के बावजूद आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचे राहुल-प्रियंका
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हो गए। विपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च करने की मांग कर रहे थे।
यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के बीच निकाला गया। विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और देशभर में चल रहे SIR को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।
इंडिया ब्लॉक के नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य निर्वाचन आयोग के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराना है। विपक्षी सांसदों ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर आयोग से जवाब मांगने की बात कही है। वहीं, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।












