
Greater Noida के कासना कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गांव से जुड़े चर्चित निक्की हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मृतका की सास दया को जमानत दे दी है।
न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं होता कि घटना के समय आरोपी सास घर में मौजूद थीं। कोर्ट ने चश्मदीद के बयान और सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि फिलहाल जमानत दिए जाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।यह मामला 21 अगस्त 2025 की शाम का है, जब सिरसा गांव में निक्की की संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि पारिवारिक विवाद के दौरान पति विपिन भाटी ने निक्की पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी थी। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया था कि सास दया ने थिनर उपलब्ध कराया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कई बिंदुओं की ओर अदालत का ध्यान दिलाया। निक्की के मासूम बेटे ने अपने बयान में कहा कि झगड़े के समय घर में केवल उसके माता-पिता मौजूद थे और पिता आग लगाकर भाग गए। बच्चे ने यह भी स्पष्ट किया कि उस समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था
इसके अलावा, पड़ोस की दुकान के सीसीटीवी फुटेज में सास दया को घटना की जानकारी मिलने के बाद घर की ओर दौड़ते हुए देखा गया। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में भी वह घायल बहू को स्ट्रेचर पर चढ़ाने और भर्ती कराने में मदद करती नजर आईं। अदालत ने माना कि ये तथ्य अभियोजन की कहानी पर सवाल खड़े करते हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि एफआईआर घटना के करीब 19 घंटे बाद दर्ज की गई, जो विचार का विषय है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं है और ट्रायल आगे जारी रहेगा। गौरतलब है कि इस मामले में जेठ और ससुर को पहले ही जमानत मिल चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी पति विपिन भाटी फिलहाल जेल में बंद है।













