गौतमबुद्धनगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह का ट्रांसफर, IPS लक्ष्मी सिंह, जिन्हें योगी सरकार ने दी गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी

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IPS लक्ष्मी सिंह

उत्तर प्रदेश में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी सरकार ने कानून व्यवस्था को और दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक बदलाव के तहत कई जिलों में आइपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। आदेश के बाद वाराणसी, आगरा, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, अयोध्या, मथुरा, लखनऊ, बहराइच और प्रयागराज सहित विभिन्न ज़िलों से 16 IPS अधिकारियों का तबादला किया गया है। दिल्ली के सटे अहम जिलों में शुमार गौतमबुद्धनगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह का ट्रांसफर कर मुख्यालय में जिम्मेदारी दी गई है तो तेज तर्रार IPS लक्ष्मी सिंह को गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। आइये जानते हैं कि कौन हैं आइपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह, जो प्रदेश के किसी जिले की पहली महिला पुलिस आयुक्त बनी हैं।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित हैं लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह को बेहद तर्रार पुलिस अधिकारियों में शुमार किया जाता है। अपने शानदार प्रदर्शन और जिम्मेदारी का इमानदारी से निर्वहन करने के लिए IPS लक्ष्मी सिंह को कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस कड़ी में लक्ष्मी सिंह को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्रालय पीटीएस मेरठ को भारत में नंबर वन संस्थान घोषित करते हुए 2 लाख रुपये का इनाम भी दे चुका है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकेडमी हैदराबाद में ट्रेनिंग के दौरान लक्ष्मी सिंह बेस्ट प्रोबेशनर घोषित की गई थी। 2000 बैच की आइपीएस लक्ष्मी सिंह को प्रधानमंत्री की ओर से सिल्वर बेटन मिल चुका है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से उन्हें पुरस्कार स्वरूप 9 एमएम की एक पिस्टल भी मिली है, जिसे उन्हें संभालकर रखा है।

माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर बना चुकी हैं अलग पहचान

तेजतर्रार IPS अधिकारी लक्ष्मी सिंह अब तक कार्यकाल के दौरान कई जिलों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। वह इससे पहले वाराणसी के साथ-साथ चित्रकूट, गोंडा, फर्रुखाबाद, बागपत और बुलंदशहर में बतौर एसपी और एसएसपी सेवा दे चुकी हैं। इसके साथ ही माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ जोरदार मुहिम चलाकर कई बार चर्चा में आईं। इसके अलावा, जनशिकायतों के निस्तारण और पुलिस कर्मियों की समस्याओं के निवारण में अहम भूमिका निभाई।

आइपीएस लक्ष्मी सिंह विभिन्न जिलों में तैनात रहने के दौरान कई इनामी डकैत और दुर्दांत अपराधियों का एनकाउंटर भी कर चुकी हैं। दरअसल,IPS लक्ष्मी सिंह एसटीएफ में भी बतौर डीआईजी तैनात रहीं और अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इसके अलावा कंप्यूटराइजेशन के काम के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरस्कृत किया था।