
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराए जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार के पास समय से पहले चुनाव कराने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और इस संबंध में किसी तरह की तैयारी भी नहीं चल रही है।
उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जाने की अटकलें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई थीं। इन चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फिलहाल समय से पहले चुनाव कराने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी संभावना की जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो सरकार को इस संबंध में कोई निर्देश प्राप्त हुए हैं और न ही समय से पहले चुनाव कराने की कोई तैयारी चल रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विधानसभा चुनाव कब होंगे, इसका निर्णय भारत निर्वाचन आयोग करेगा और सभी संबंधित पक्ष उसी के अनुसार कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है।
दरअसल, हाल के दिनों में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज थी कि विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 के बजाय 2026 के अंत में कराए जा सकते हैं। इन अटकलों के पीछे विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के लगातार दौरे, मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाएं और आगामी राजनीतिक आयोजनों को प्रमुख वजह माना जा रहा था।
हालांकि मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद फिलहाल इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि समय से पहले चुनाव कराने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना या निर्णय सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि वर्तमान उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 तक है। ऐसे में मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है, जब तक कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से कोई अलग निर्णय नहीं लिया जाता।













