लखीमपुर के किसानों पर आंसू बहाने वाले पंजाब के सीएम चन्नी, जवान की शहादत पर काट गए कन्नी

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हुए थे। इनमें से कपूरथला जिला निवासी सूबेदार जसविंदर सिंह, जिला गुरदासपुर के मनदीप सिंह और रोपड़ जिला के पंचरंदा निवासी सिपाही गज्जन सिंह तीन पंजाब से, एक यूपी के  शाहजहांपुर जिला के सारज सिंह  और केरल के कोल्लम जिला के ओडनवट्टम गांव निवासी वैसाख एच हैं।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के शाहजहांपुर के रहने वाले जवान सरज सिंह के शौर्य और वीरता को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है साथ ही शहीद के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है।

सोमवार को जारी सरकारी बयान के अनुसार, योगी ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा जनपद की एक सड़क का नामकरण शहीद के नाम पर करने की भी घोषणा की है।

सीएम योगी ने लखीमपुर खीरी हिंसा को भी दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए और किसानों के परिवार वालों के प्रति पूरी संवेदना व्यक्त की थी और मृतक किसानों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 50-50 लाख रूपए के अनुदान की घोषणा की थी। जो यह दर्शाता है कि भाजपा और सीएम योगी के लिए किसान और जवान दोनों बराबर हैं।

वहीं दूसरी तरफ लखीमपुर हिंसा में जान गंवाने वाले चार मृतक किसानों के परिवार वालों को 50-50 लाख रुपए देने की घोषणा करने वाले सीएम चन्नी ने यूपी के शहीद परिवार को भूल गए। जिससे साफ जाहिर होता है कि लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा करना कांग्रेसी सीएम की राजनीतिक चाल थी

भारत में किसानों और जवानों का बराबर महत्व है। अगर किसान हमारे अन्नदाता हैं तो जवान हमारी सुरक्षा के लिए अपने प्राण की बाजी लगाते हैं। लेकिन दूसरे राज्य के किसानों की मौत पर घड़ियाली आंसू बहाने गए चन्नी जवान की मौत पर कन्नी काट गए। कांग्रेस की इस विभाजनकारी नीति के कारण पिछले 70 सालों से देश के जवान और किसान खुद को उपेक्षित महसूस करते रहे हैं।