
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में जयेष्ठ दशहरा के अवसर पर गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अलग-अलग गंगा घाटों पर स्नान करते समय 31 श्रद्धालु गहरे पानी में डूब गए, जिनमें सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम ने शव बरामद किए, जबकि एक किशोरी देर शाम तक लापता बताई गई। वहीं छह श्रद्धालुओं को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। घटनाओं के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर आ गया।
पहली बड़ी घटना कछला गंगा घाट पर हुई, जहां हाथरस जिले के सादाबाद थाना क्षेत्र के गांव कानू निवासी ओमवीर अपने रिश्तेदारों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचे थे। स्नान के दौरान ओमवीर का 16 वर्षीय बेटा निलेश और रिश्तेदार नेत्रपाल की 17 वर्षीय बेटी शिखा गहरे पानी में चले गए। दोनों को बचाने के प्रयास में परिवार के अन्य सदस्य भी डूबने लगे।
मौके पर मौजूद गोताखोरों ने ओमवीर, उनके बड़े बेटे सर्वेश और श्यामवीर की पत्नी वर्षा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन निलेश और शिखा लापता हो गए। लंबे रेस्क्यू अभियान के बाद निलेश का शव बरामद कर लिया गया, जबकि शिखा की तलाश देर शाम तक जारी रही।
इसके अलावा हाथरस जिले के मुढ़सान निवासी 20 वर्षीय रोहित और बदायूं के सिरसा दबरई गांव निवासी राजकुमार की भी गंगा में डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लिया, हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
दूसरी घटना उसहैत थाना क्षेत्र के अटैना घाट पर हुई, जहां मैनपुरी जिले के हुसैनपुर गांव निवासी 19 वर्षीय पिंटू गंगा स्नान के दौरान डूब गए। वहीं फर्रुखाबाद जिले के नुनैरा गांव निवासी 18 वर्षीय अनुपम की भी गहरे पानी में समाने से मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे में एटा जिले के करन, फिरोजाबाद के अभिषेक और राजकुमार, हाथरस के ऋतिक तथा कासगंज के बंटू समेत कई श्रद्धालुओं को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया।
एक ही दिन में सात श्रद्धालुओं की मौत के बाद प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के बाद बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा ने कछला गंगा घाट पहुंचकर राहत कार्यों और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल, गोताखोर और बैरिकेडिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।













