
भीषण गर्मी में राहत पाने के लिए ज्यादातर घरों में कूलर का इस्तेमाल किया जाता है। एयर कंडीशनर की तुलना में कूलर बिजली कम खर्च करता है और किफायती भी होता है, इसलिए लोग इसे लंबे समय तक लगातार चलाते रहते हैं। लेकिन क्या बिना रुके घंटों तक कूलर चलाना सुरक्षित है? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सही सावधानी न बरती जाए तो इससे मोटर खराब होने, वायरिंग गर्म होने और शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य घरेलू कूलर को लगातार 8 से 10 घंटे तक चलाना सुरक्षित माना जाता है, बशर्ते उसकी मोटर, वायरिंग और पानी की व्यवस्था ठीक हो। हालांकि पुराने या कम गुणवत्ता वाले कूलर लंबे समय तक लगातार चलाने पर जल्दी गर्म हो सकते हैं। ऐसे में सलाह दी जाती है कि कई घंटों तक चलाने के बाद कूलर को 20 से 30 मिनट का ब्रेक जरूर दें, ताकि मोटर ठंडी हो सके और उसकी उम्र बढ़े।
कूलर की मोटर लगातार काम करते हुए गर्म होती रहती है। अगर उसमें धूल जमा हो या उसे पर्याप्त आराम न मिले, तो ओवरहीटिंग की समस्या हो सकती है। कई लोग दिन-रात लगातार कूलर चलाते रहते हैं, जिससे मोटर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि वायरिंग पुरानी हो या प्लग ढीला हो, तो गर्मी बढ़ने से वायर जलने या स्पार्किंग का खतरा भी बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि कूलर में पानी खत्म होने के बाद भी उसे चलाते रहना खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में वॉटर पंप बिना पानी के काम करता रहता है, जिससे उसके खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा बिना पानी के कूलर की कूलिंग भी कम हो जाती है और मोटर पर ज्यादा लोड पड़ता है। इसलिए टैंक में हमेशा पर्याप्त पानी बनाए रखना जरूरी है।
कूलर को सुरक्षित और लंबे समय तक सही हालत में चलाने के लिए नियमित सफाई और सर्विसिंग बेहद जरूरी मानी जाती है। कूलर को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां पर्याप्त वेंटिलेशन हो, ताकि मोटर ज्यादा गर्म न हो। साथ ही घास, पंखे और वायरिंग की समय-समय पर जांच करनी चाहिए। ढीले प्लग, खराब वायर या स्पार्किंग जैसी समस्याओं को नजरअंदाज करना बड़ा खतरा बन सकता है।
गर्मी के मौसम में कूलर राहत जरूर देता है, लेकिन उसका सही इस्तेमाल और देखभाल करना उतना ही जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी कूलर की लाइफ बढ़ाने के साथ-साथ दुर्घटनाओं के खतरे को भी कम कर सकती है।













