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Tuesday, September 29, 2026
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वेनेजुएला संकट पर भारत की पहली प्रतिक्रिया, जयशंकर बोले – स्थिति पर करीबी नजर

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दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में चल रहे राजनीतिक संकट और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भारत ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित है और वहां हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखे हुए है।

लोकतांत्रिक समाधान की उम्मीद

एक प्रेस वार्ता में विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और वेनेजुएला के बीच पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वहां का राजनीतिक संकट संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत शांतिपूर्ण तरीके से सुलझेगा। जयशंकर ने कहा कि किसी भी देश में राजनीतिक अस्थिरता का असर आम जनता के साथ-साथ वैश्विक शांति पर भी पड़ता है।

भारत की चिंता की वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की चिंता के पीछे वेनेजुएला से जुड़े आर्थिक और ऊर्जा हित हैं।

  • तेल आयात: वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं और भारत वहां से कच्चा तेल मंगाता रहा है।
  • भारतीय कंपनियों का निवेश: ONGC विदेश लिमिटेड जैसी भारतीय कंपनियों का वहां करोड़ों डॉलर का पैसा फंसा हुआ है, जिसकी वसूली पर संकट बढ़ सकता है।
क्या है वेनेजुएला का संकट?

वेनेजुएला लंबे समय से आर्थिक मंदी और चुनावी विवादों से जूझ रहा है। हाल ही में विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया। उन पर चुनाव में गड़बड़ी और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगे हैं। अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों ने इस घटनाक्रम का समर्थन किया है, जबकि कुछ देशों ने इसे तख्तापलट बताया है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस

विदेश मंत्री ने कहा कि वेनेजुएला में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। काराकास स्थित भारतीय दूतावास को अलर्ट पर रखा गया है और भारतीयों के लिए सुरक्षा सलाह जारी की गई है।

भारत की नीति

भारत ने फिलहाल किसी भी पक्ष का खुलकर समर्थन नहीं किया है और “देखो और प्रतीक्षा करो” की नीति अपनाई है, जो उसकी संतुलित और तटस्थ विदेश नीति को दर्शाती है।