
आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बॉम्बे में छात्रों की आत्महत्या की हालिया घटनाओं के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों को छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने संस्थानों से सुप्रीम कोर्ट के 15 जनवरी 2026 के निर्देशों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव सैयद एकराम रिजवी ने केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों और अन्य संबंधित उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को पत्र भेजकर छात्र आत्महत्या और अप्राकृतिक मौत की घटनाओं को गंभीरता से लेने को कहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचना
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी छात्र की आत्महत्या या अप्राकृतिक मौत की जानकारी मिलने पर संस्थान को तुरंत पुलिस को सूचित करना होगा। यह जिम्मेदारी इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि घटना संस्थान परिसर में हुई है या बाहर, किन परिस्थितियों में हुई है या छात्र किस पाठ्यक्रम में अध्ययन कर रहा था।
सालाना रिपोर्ट भी देनी होगी
निर्देशों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों को छात्रों की आत्महत्या और अप्राकृतिक मौत से जुड़ी घटनाओं की वार्षिक रिपोर्ट भी संबंधित नियामक संस्थाओं को भेजनी होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और अन्य संबंधित नियामक संस्थाओं को यह रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों से जुड़े मामलों में रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग को भेजने का प्रावधान किया गया है।
24 घंटे चिकित्सा सहायता की व्यवस्था
मंत्रालय ने आवासीय उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए चौबीसों घंटे योग्य चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। यदि संस्थान परिसर में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है तो उसे एक किलोमीटर के दायरे में आपातकालीन चिकित्सा सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। मंत्रालय ने संस्थानों से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट तथा शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों को गंभीरता से लागू करने और उनकी नियमित समीक्षा करने को कहा है।
आईआईटी दिल्ली और आईआईटी बॉम्बे में हाल की घटनाओं के बाद जारी इन निर्देशों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर जवाबदेही को मजबूत करना है।











