
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज आयोजित होने वाली NEET UG री-एग्जामिनेशन के लिए पूरी तरह तैयार है। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में आयोजित की जाएगी। दिव्यांग (PwD/PwBD) श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिससे वे शाम 6:20 बजे तक परीक्षा पूरी कर सकेंगे।
इस वर्ष परीक्षा में भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए NTA ने सुरक्षा और निगरानी के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
2 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती
परीक्षा संचालन के लिए देशभर में 2 लाख से अधिक कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें 674 सिटी कोऑर्डिनेटर, 6,669 ऑब्जर्वर, सेंटर सुपरिंटेंडेंट और बड़ी संख्या में इनविजिलेटर शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
CCTV, बायोमेट्रिक और GPS से होगी निगरानी
NTA ने परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सभी परीक्षा केंद्रों के CCTV कैमरों का लाइव फीड केंद्रीय कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और हाई-सेंसिटिविटी मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए GPS युक्त वाहनों और पुलिस एस्कॉर्ट का इस्तेमाल किया गया है।
सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर
पेपर लीक और फर्जी सूचनाओं को रोकने के लिए सोशल मीडिया की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। NTA ने साइबर क्राइम एजेंसियों और CBI के साथ समन्वय स्थापित किया है। संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए NTA ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन में तकनीकी दिक्कत आती है, तो अभ्यर्थी को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में लिखित अंडरटेकिंग और वैकल्पिक पहचान सत्यापन के बाद उम्मीदवार को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम
देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी केंद्रों पर बिजली, पंखे, जनरेटर बैकअप, स्वच्छ पेयजल, मेडिकल सहायता और सैनिटेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। अभ्यर्थियों को पारदर्शी पानी की बोतल साथ लाने की अनुमति दी गई है। डायबिटीज से पीड़ित छात्रों को निर्धारित नियमों के तहत शुगर टैबलेट, फल और पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की छूट दी गई है।
रिपोर्टिंग टाइम को लेकर सख्ती
NTA ने अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है। प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होगा और दोपहर 1:30 बजे गेट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। छात्रों को एडमिट कार्ड, वैध फोटो पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य होगा। वहीं मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, वॉलेट, ज्वेलरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
निष्पक्ष परीक्षा पर NTA का फोकस
हाल के विवादों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच NTA इस बार किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहती है। यही वजह है कि परीक्षा केंद्रों से लेकर डिजिटल निगरानी तक हर स्तर पर कड़े इंतजाम किए गए हैं। एजेंसी का दावा है कि इस बार परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराई जाएगी।













