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Wednesday, November 4, 2026
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गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग तेज, 51 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य, 17 दिसंबर को सौंपे जाएंगे ज्ञापन

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गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर गो सम्मान आह्वान अभियान तेज हो गया है। अभियान के तहत संतों, गौसेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से देशभर में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। अभियान से जुड़े लोगों ने केंद्र सरकार से गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून बनाने की मांग उठाई है।

अभियान के आयोजकों के अनुसार, अब तक देशभर में 20 करोड़ से अधिक लोगों के हस्ताक्षर जुटाए जा चुके हैं। अब अभियान के अगले चरण में 51 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से गौ संरक्षण से जुड़ी मांगों को व्यापक जनसमर्थन के साथ सरकार तक पहुंचाने की तैयारी है।

17 दिसंबर को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपे जाएंगे ज्ञापन

अभियान के तीसरे चरण के तहत 17 दिसंबर 2026 को देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपे जाएंगे। ये ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के नाम दिए जाएंगे। इसके लिए गांवों से लेकर शहरों तक जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को जोड़ने की अपील की जा रही है।

केंद्रीय गो मंत्रालय के गठन की भी मांग

अभियान से जुड़े संगठनों की प्रमुख मांगों में गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गोवंश संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग शामिल है। इसके साथ ही केंद्रीय गो मंत्रालय के गठन, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और राष्ट्रीय गोचारा नीति लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा कृषि, चिकित्सा और पर्यावरण के क्षेत्र में गो आधारित व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने की मांग उठाई जा रही है।

डिजिटल हस्ताक्षर अभियान भी शुरू

अभियान के आयोजकों ने बताया कि लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘वोट फॉर गौ माता’ नाम से डिजिटल हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया है। इसके माध्यम से लोग ऑनलाइन अपनी सहमति दर्ज करा सकते हैं। आयोजकों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से गोवंश संरक्षण से जुड़ी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।