
उत्तराखंड के पवित्र हिमालयी क्षेत्र में स्थित ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और भव्यता के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। जैसे ही सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट खुले, पूरा केदारपुरी “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इसी के साथ उत्तराखंड की प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया।
वैदिक मंत्रों के बीच खुला धाम
तड़के सुबह से ही कपाट उद्घाटन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। वेदपाठियों और मुख्य पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। ठीक 8 बजे जैसे ही कपाट खुले, श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दिव्य विग्रह के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सेना के बैंड और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
मुख्यमंत्री ने किया जलाभिषेक
इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए भरोसा दिलाया कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
आसमान से बरसी श्रद्धा
कपाट खुलने के साथ ही हेलीकॉप्टर के जरिए मंदिर परिसर में भव्य पुष्प वर्षा की गई। फूलों से सजे मंदिर और आसमान से गिरती पंखुड़ियों के बीच हजारों श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह अलौकिक दृश्य हर किसी को भाव-विभोर कर गया।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद
पहले ही दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य शिविर और विश्राम स्थलों की पूरी व्यवस्था की गई है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अब भी ठंड का असर बरकरार है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह के आगे मौसम की चुनौतियां भी फीकी पड़ती नजर आईं। कुल मिलाकर, केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही एक बार फिर आस्था, विश्वास और भक्ति का विराट संगम शुरू हो गया है, जहां हर कदम पर “बाबा केदार” की महिमा गूंज रही है।













