
फ्लाईदुबई की उड़ान में जानलेवा संकट के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बातचीत की। अस्पताल से हुई इस भावुक बातचीत में कैप्टन मच्छार ने उस खौफनाक घटना की पूरी कहानी बताई, जब उड़ान के दौरान उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिससे यात्रियों और क्रू को हस्तक्षेप करने का मौका मिला।
घायल हालत में भी यात्रियों की जान बचाने की कोशिश
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में 30 सितंबर को कॉकपिट के भीतर कैप्टन मच्छार पर कथित तौर पर उनके ओमानी सह-पायलट ने हमला किया। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार ने स्थिति को संभालने और कॉकपिट तक मदद पहुंचाने की कोशिश जारी रखी।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि उस समय वह खुद अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उन्हें यह एहसास था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। ऐसे में उन्होंने किसी भी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया। विमान में 174 लोग सवार थे।
‘मैं दूसरों को मरने नहीं दे सकता था’
प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने कहा कि उस वक्त वह बुरी तरह घायल थे और दर्द में थे, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चिंता विमान में सवार लोगों की सुरक्षा थी। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा कि अगर उन्होंने उस समय हिम्मत नहीं दिखाई तो विमान में मौजूद अन्य लोगों की जान जा सकती थी।
कैप्टन के इस बयान के दौरान बातचीत भावुक भी हो गई। उन्होंने बताया कि मुश्किल और दर्द के समय वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। घटना के दौरान भी उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, वह अपने दो वर्षीय बेटे के साथ भी रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।
पीएम मोदी ने की साहस और सूझबूझ की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छार के साहस, धैर्य और सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कैप्टन के प्रयासों ने दुनिया भर में भारतीय पायलटों की प्रतिष्ठा को मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन के परिवार से भी बातचीत की है। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि पूरा देश कैप्टन मच्छार के साथ खड़ा है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
तबुक में हुई विमान की सुरक्षित लैंडिंग
हमले के बाद विमान ने आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबुक में लैंडिंग की। रिपोर्टों के अनुसार, कैप्टन मच्छार के कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की और रिजर्व पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारने में भूमिका निभाई। घटना की जांच जारी है और हमले के पीछे की वजहों को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार का कॉकपिट का दरवाजा खोल पाना इस पूरे घटनाक्रम का अहम मोड़ रहा। उनकी बातचीत में सामने आया कि उस समय उनका ध्यान अपनी चोटों से ज्यादा विमान में सवार लोगों की सुरक्षा पर था।












