केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने पूसा कृषि विज्ञान मेला–2022 का किया शुभारंभ

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याणमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पूसा कृषि विज्ञान मेले का उद्घाटन आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी ने किया। डेयर के सचिव व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक (ICAR) डॉ. त्रिलोचन महापात्रने अध्यक्षता की। इस अवसर पर, श्री चौधरी ने दो एकड़ क्षेत्र में विकसित “पूसा एग्री कृषि हाट परिसर” राष्ट्र को समर्पित किया। मेले में देश के विभिन्न भागों से पधारे हजारों प्रगतिशील किसान, महिला उद्यमी व स्टार्ट-अप्स शामिल हुए हैं।

समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री चौधरी ने पूसा संस्थान द्वारा किसान हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए किसानों से नई तकनीकों, वैज्ञानिक नवाचारों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा किसान हितों के लिए किए जा रहे कार्यों व कृषि से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, जिसकी कल्पना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने की है। किसानों की मेहनत व वैज्ञानिकों के अनुसंधान की बदौलत भारतीय कृषि उन्नत हो रही है। युवाओं में कृषि के प्रति उत्साह जागृत हो रहा है, जिससे उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कृषि मंत्रालय के बजट को लगातार बढ़ाया है, जो अब 1.32 लाख करोड़ रुपये है जबकि सात साल पहले मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के पहले यह बजट मात्र लगभग 23 हजार करोड़ रु. था। वर्तमान बजट में से आधी से ज्यादा राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में सीधे किसानों के बैंक खातों में दी जा रही है, इससे सरकार ने किसानों के प्रति अपनी संवेदनशीलता जाहिर की है, वहीं स्वामीनाथन समिति की सभी सिफारिशों को मोदी जी की सरकार ने लागू किया है।

चौधरी ने कहा कि सरकार ने न केवल एमएसपी को ज्यादा फसलों पर दर बढ़ाकर लागू किया बल्कि खऱीद भी बढ़ाई है। देश में 10 हजार नए एफपीओ 6,865 करोड़ रु. खर्च करके बनाए जा रहे हैं। एक लाख करोड़ रु. के कृषि इंफ्रा फंड से गांव-गांव सुविधाएं जुटाई जा रही है। कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए भी विशेष पैकेज दिए गए हैं। किसानों की मेहनत व सरकार के प्रयासों से दलहन सहित खाद्यान्न उत्पादन में रेकार्ड वृद्धि हुई है। ये सारे प्रयास दर्शाते है कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर देश को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हुई है। उन्होंने किसानों से सरकार के साथ मिल-जुलकर, योजनाओं का लाभ उठाते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

समारोह में, उप-महानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ ए.के. सिंह, उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. टी.आर. शर्मा, एपीडा के चेयरमैन डॉ. एम. अंगमुथु भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

आज लोकार्पित “पूसा एग्री कृषि हाट परिसर” में किसान तथा किसान उत्पादक संगठन अपने उत्पादों का प्रत्यक्ष विपणन कर पाएंगे। इस सुविधा से उपभोक्ता सीधे ही किसानों के उत्पाद खरीद पाएंगे, जिससे इन्हें बिचौलियों से मुक्ति मिल सकेगी। कृषक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इस विशाल परिसर में 60 स्टाल, हाट, एवं दुकानों का प्रावधान है।

IARI के निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष 9 से 11 मार्च तक आयोजित इस मेले का मुख्य विषय “’तकनीकी ज्ञान से आत्मनिर्भर किसान”’ है। मेले के प्रमुख आकर्षण हैं: स्मार्ट/डिजिटल कृषि, एग्री स्टार्टअप एवं किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), जैविक तथा प्राकृतिक खेती, संरक्षित खेती/ हाइड्रोपोनिक/ एरोपोनिक/ वर्टिकल खेती, कृषि उत्पादों के निर्यात, प्रोत्साहन सलाह केंद्र। मेले में संस्थान द्वारा विकसित नवीन किस्मों की जानकारी दी जा रही है, वहीं IARI की अन्य नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियां, जैसे कि सौरउर्जा संचालित ‘पूसा-फार्म सन फ्रिज; पूसाडी कंपोजर, पूसा संपूर्ण जैव-उर्वरक (नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटेशियम प्रदान करनेवाला अनूठा तरल सूत्रीकरण) को भी प्रदर्शित किया गया है। IARI के संयुक्त निदेशक (प्रसार) डॉ. बी. एस. तोमर ने बताया कि मेले में ICAR  के विभिन्न संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अन्य संस्थानों की भी उन्नत तकनीकियों का प्रदर्शन किया गया है। डॉ. तोमर ने आभार माना।