
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फेसबुक पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फर्जी निवेश संबंधी वीडियो दिखाकर साइबर अपराधियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक रिटायर्ड अधिकारी से करीब 30 लाख रुपये की ठगी कर ली। घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी निवेश विज्ञापनों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।
पीड़ित दर्शन लाल सिंह, जो देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के निवासी हैं, ने इस संबंध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, फेसबुक पर उन्हें एक वीडियो दिखाई दिया जिसमें निवेश के जरिए कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया जा रहा था। वीडियो में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल किया गया था, जिससे उन्हें यह योजना विश्वसनीय लगी।
जानकारी के मुताबिक ठगों ने सबसे पहले पीड़ित को एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा और फिर “ग्लोबल ट्रेडिंग” नाम की एक वेबसाइट पर उनका अकाउंट खुलवाया। शुरुआत में उनसे लगभग 200 डॉलर निवेश करवाए गए। शुरुआती चरण में लाभ का झांसा देकर उनका विश्वास जीता गया और बाद में अधिक रिटर्न का लालच देकर लगातार बड़ी रकम जमा करवाई जाती रही।
पीड़ित के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 को उनका ट्रेडिंग अकाउंट अचानक फ्रीज कर दिया गया। उस समय तक वह करीब 11,700 डॉलर यानी लगभग 11 लाख रुपये निवेश कर चुके थे। इसके बाद अकाउंट को दोबारा सक्रिय करने और निवेश की गई रकम निकालने के नाम पर उनसे लगातार अतिरिक्त धनराशि जमा करवाई गई। देखते ही देखते कुल निवेश और भुगतान की रकम करीब 30 लाख रुपये तक पहुंच गई।
दर्शन लाल सिंह ने बताया कि उन्होंने गूगल पे, डेबिट कार्ड और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से कई बार भुगतान किया। जब उन्होंने अपने पैसे निकालने का प्रयास किया तो उन्हें बार-बार नई शर्तें बताकर और रकम जमा करने के लिए कहा गया। इसी दौरान उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि जिन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है। साथ ही साइबर विशेषज्ञों की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास भी जारी है।
पुलिस ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों, वीडियो और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
यह मामला इस बात की चेतावनी है कि साइबर अपराधी अब नामी हस्तियों और सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही इस तरह के अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।













