
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद कई इलाकों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को चुनाव के बाद हुई कथित हिंसक घटनाओं में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई जगहों पर राजनीतिक दलों के कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन घटनाओं के मद्देनजर चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस आयुक्त और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सभी जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त बढ़ाने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हिंसा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
एक अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि कानून को तेजी और सख्ती से लागू करना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की अराजकता को रोका जा सके। राज्य के कुछ हिस्सों में कानून-व्यवस्था को लेकर बनी चिंताओं के बीच आयोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, सभी जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और पुलिस के साथ केंद्रीय बलों के समन्वय से गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि शांति भंग करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को संपन्न हुए थे, जबकि मतगणना 4 मई को हुई। चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया और राज्य में लंबे समय से सत्तारूढ़ दल के शासन का अंत कर दिया।
फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता राज्य में शांति बहाल करना और किसी भी नई हिंसक घटना को रोकना है, ताकि चुनाव के बाद की स्थिति जल्द सामान्य हो सके।













