
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “महंगाई मैन मोदी” ने एक बार फिर आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी शुरू कर दी गई, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से केवल वाहन चलाना ही महंगा नहीं होता, बल्कि इसका असर परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर भी पड़ता है। उनके अनुसार, महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत देने की मांग करते हुए कहा कि जनता पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चरणबद्ध तरीके से ईंधन कीमतें बढ़ाकर लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाल रही है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से कांग्रेस के आरोपों का जवाब भी सामने आया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन दरों में उतार-चढ़ाव होता है। पार्टी ने कांग्रेस पर आर्थिक मुद्दों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
देश में महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष सरकार को आम जनता की परेशानियों के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है, जबकि केंद्र सरकार वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार को इसके पीछे का मुख्य कारण बता रही है।













