उत्तराखंड में चुनाव को लेकर तैयारी शुरू, आज शाम पांच बजे थमेगा चुनाव प्रचार, अंतरराष्ट्रीय सीमाएं भी सीज

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उत्तराखंड राज्य में 19 अप्रैल को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। इसके लिए मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले यानी 17 अप्रैल की शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार का सिलसिला थम जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी डोर-टु-डोर प्रचार कर सकेंगे। उत्तराखंड से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं भी शाम पांच बजे से सील हो जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय सीमाएं प्रदेश के ऊधम सिंह नगर, चंपावत, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और चमोली जिलों से लगी हुई हैं।

मतदान होने तक रहेगा ड्राई डे

वहीं, 17 अप्रैल शाम पांच बजे से 19 अप्रैल को मतदान संपन्न होने तक उत्तराखंड में शराब बंदी यानी ड्राई डे होगा। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया, मंगलवार को दूरस्थ मतदान केंद्रों के लिए 12 पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी गई हैं। इनमें 11 पोलिंग पार्टी उत्तरकाशी जिले और एक पिथौरागढ़ की है। इन सभी पोलिंग पार्टियों ने पोल डे मॉनिटरिंग सिस्टम (पीडीएमएस) पोर्टल पर पंजीकरण की कार्रवाई और प्रस्थान की सूचना उपलब्ध करा दी है।

मतदान वाले दिन राज्य में बारिश की संभावना

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी जोगदंडे ने बताया, राज्य में 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के दृष्टिगत मौसम विभाग ने मौसम संबंधी अनुमान उपलब्ध कराया है। 17 अप्रैल को मौसम साफ रहेगा। 18 अप्रैल को उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। 19 अप्रैल को पिथौरागढ़, पौड़ी और नैनीताल में हल्की बारिश होने की संभावना है। शेष सभी जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में हीट वेव का कोई भी प्रभाव नहीं होगा, मौसम सामान्य तापमान के अनुकूल रहेगा।

16 मार्च से अभी तक 16 करोड़ रुपये से अधिक जब्त

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी जोगदंडे ने बताया, इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम के तहत 16 मार्च से अभी तक कुल 16 करोड़ पांच लाख मूल्य की जब्ती हुई है। जिसमें से पांच करोड़ 70 लाख कैश, एनडीपीएस और नारकोटिक्स के तहत तीन करोड़ 99 लाख, दो करोड़ 93 लाख मूल्य की शराब और तीन करोड़ 26 लाख मूल्य की सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं की जब्ती की गई है। हरिद्वार जिले में सबसे अधिक आठ करोड़ 43 लाख रुपये की जब्ती हुई है। नैनीताल में एक करोड़ 83 लाख और देहरादून में एक करोड़ 58 लाख मूल्य की जब्ती हुई है। सर्वाधिक जब्ती पुलिस विभाग ने और उसके बाद आयकर विभाग एवं आबकारी विभाग ने की है। 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य में आठ करोड़ 81 लाख मूल्य की जब्ती हुई थी।