किसान आंदोलन में सिक्ख युवती का यौन उत्पीड़न, खुलासे के बाद युवती का ट्विटर एकाउंट भी हुआ बंद। सिक्ख नेताओं की चुप्पी हैरान करने वाली।

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बंगाल की बेटी से गैंगरेप और मौत के बाद अब किसान आंदोलन में सिक्ख युवती @KaurForFarmers ने यौन उत्पीड़न का खुलासा किया है।

किसान आंदोलन में दिल्ली हरियाणा के टिकरी बॉर्डर पर एक California के NGO ” 5 River Heart Association ” का मेडिकल कैंप डॉक्टर सवाईमान सिंह ने लगाया, और इसकी प्रशंसा तमाम मीडिया संस्थानों ने देश विदेश में की। कोरोना काल में ऐसे ही दावों से प्रभावित होकर एक युवती (जिसका ट्टविटर हेंडल .@KaurForFamers) था, वो भी अप्रैल महीने में टिकरी बॉर्डर पर पहुंची थी।

युवती ने सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी लिखकर टिकरी बॉर्डर पर उसे जो यातनाएं और यौन उत्पीड़न झेलना पड़ा, उसे सोशल मीडिया पर सांझा किया , जिसके कुछ दिन बाद ही उसका ट्विटर हेंडल भी बंद हो गया।

.KaurForFarmers की सोशल मीडिया पर उपलब्ध चिट्ठी के मुताबिक जब उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ तो उसने  American NGO 5 River Heart Association के डॉक्टर सवाई मान सिंह को इसकी शिकायत की, जिनकी देखरेख में वो किसान मरीजों की सेवा करने आई थी, लेकिन लड़की के मुताबिक डॉक्टर सवाई मान सिंह ने उसकी बातों पर कोई कार्यवाही करने की बजाए, छेड़छाड़ करने वालों का ही साथ दिया और आखिरकार उसे अपनी आबरू बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा।

@KaurFarFarmers के नाम से 2014 से अपना ट्विटर हैंडल चला रही युवती सिक्ख धर्म से संबंध रखती है और शर्मसार होने वाली बात ये है कि पंजाब के सिक्खों द्वारा आयोजित इस आंदोलन में किसी भी सिक्ख नेता ने लड़की के साथ हुए दुर्व्यवहार पर कोई बयान अभी तक नहीं दिया है।

टिकरी बॉर्डर पर अपना अनुभव बताते हुए युवती ने लंबी चिट्ठी लिख बताया है कि शुरुआत में जब वो मेडिकल कैंप पहुंची तो वहां दो महिला कर्मी थीं, लेकिन तीन दिन बाद वो भी वहां पर अकेली रह गई। इस बीच कुछ युवकों ने उसे भौंड़े इशारे करने शुरु कर दिए और जब उसने इनका विरोध किया तो उसका मजाक उड़ाने लगा। युवती की चिट्ठी के मुताबिक आंदोलन में गंदे गाने बजाकर उसके साथ अश्लील हरकतें की गईं।

लड़की ने अपनी चिट्टी में ये भी लिखा है कि उसने इन सारी बातों की शिकायत आंदोलन में मेडिकल कैंप चला रहे डॉक्टर सवाई मान सिंह को भी की, लेकिन उन्होंने सारी बातें सुनकर भी खामोशी बनाए रक्खी।
आपको बता दें कि न्यू जर्सी से आए 5 रीवर हार्ट एसोसिएशन के अमेरिकी हृद्य रोग विशेषज्ञ डॉ सवाई मान सिंह खुद भी एक सिक्ख हैं और उसके बावजूद भी उन्होंने सिक्खों की बेटी के साथ हुए दुर्व्यवहार पर चुप्पी साधी, ये बात हैरान करने वाली है। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने इस बारे में डॉक्टर सवाईमान सिंह से सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया ।

हैरानी इस बात की भी है कि जो आंदोलन मुख्यत: पंजाब के सिक्खों द्वारा संचालित हो रहा है, जिसमें गुरुद्वारों द्वारा लंगर लगाया जा रहा है, जहां दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी समेत तमाम गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े सिख संगत के लोग मौजूद हैं, वहां सिक्खों की आन-बान शान “कौर” का यौन उत्पीड़न होता है, तो कोई कुछ क्यों नहीं बोल पाया ?

संभव है कि इन सभी लोगों के ऊपर कोई है, जिसके खौफ से किसी ने सिक्खों की बेटी के अपमान पर भी इनके मुंह पर पट्टी बांध दी।

सिक्ख डॉक्टर, सिक्ख आंदोलनकारी और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी वालों ने तो टिकरी बॉर्डर पर हुई एक सिक्ख युवती से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न पर चुप्पी साध ली, लेकिन सवाल ये है कि क्या बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे के साथ पूरे देश में महिला सशक्तिकरण का अभियान चलाने वाली मोदी सरकार इस मामले में स्वत: संज्ञान लेगी?