गाजियाबाद: सीआईएसएफ के 53वें स्थापना दिवस में शामिल हुए अमित शाह, बोले- महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज ग़ाज़ियाबाद में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ़) के 53वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने परेड की सलामी ली और वीरता व उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीआईएसएफ़ के अधिकारियों और जवानों को पदक प्रदान किए।  अमित शाह ने बल की पत्रिका ‘सेंटनल’-2022 (Sentinel-2022) का विमोचन भी किया। समारोह में केंद्रीय गृह सचिव,केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक,केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक,भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा सीआईएसएफ़ के अधिकारी और जवान भी शामिल हुए।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा किकेन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 52 साल के इतिहास को देखते हुए आज का दिन पूरे देश के समग्र औद्योगिक विकास के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। अमित शाह ने कहा कि 2.5 ट्रिलियन डॉलर के हमारे अर्थतंत्र की विकास यात्रा में सीआईएसएफ़ ने एक मौन कर्मयोगी की तरह अपना योगदान दिया है और ढाई ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की हमारी यह यात्रा सीआईएसएफ़ के बिना संभव नहीं हो सकती थी। श्री  शाह ने कहा कि जिसने भी केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की स्थापना के बार में सोचा और दूरदर्शिता का यह काम किया होगा कि भारत की औद्योगिक विकास और उत्पादन की यात्रा को एक ऐसे बल की ज़रूरत पड़ेगी जो उत्पादन को सुचारू रूप से अहर्निश चला सके और उसे सुरक्षित रखे। सीआईएसएफ़ ने उस कल्पना को चरितार्थ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और इसके लिए मैं जवान से लेकर महानिदेशक समेत बल के  सभी कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई देना चाहता हूँ।

अमित शाह ने कहा कि कोविड महामारी और वंदेभारत अभियान के दौरान जब दुनियाभर से भारतीय वापस आ रहे थे तब हर हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ़ का हर जवान बड़ी विनम्रता और प्रेम के साथ अपने देश के भाइयों और बहनों का स्वागत करता था और रिस्क भी उठाता था। बल के कई जवान संक्रमित भी हुए और उन्होंने अपनी जान भी गँवाई। इस ड्यूटी के दौरान वंदेभारत के फ्रंटलाइन वर्कर और देश के औद्योगिक उत्पादन को निर्बाध तरीक़े से चलाए रखने के लिए अपनी जान गँवाने वाले सभी कर्मियों को मैं पूरे देश और पूरे बल की तरफ से श्रद्धांजलि देना चाहता हूँ। श्री अमित शाह ने कहा कि आजकल ऑपरेशन गंगा चल रहा है और सीआईएसएफ़ के जवान बड़ी विनम्रता से यूक्रेन से लौट रहे छात्रों का स्वागत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ़ का जो उद्देश्य निर्धारित किया गया था उसे पूरा करने में उसने कोई कमी नहीं छोड़ी है। सीआईएसएफ़ ने बहुकुशल,बहुआयामी और पेशेवर दक्षता से अपनी एक विशेष पहचान बनायी है और मैं बिना किसी झिझक के कह सकता हूँ कि केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल पूरे विश्व में अपने आप में एक अकेला औद्योगिक सुरक्षा बल है जो सरकारी कर्मियों से बना है और बहुत बढ़िया तरीक़े से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सीआईएसएफ़ को मिले अनेक पदक और पुरस्कार बल के जवानों की प्रतिबद्धता और शौर्य के प्रमाण हैं। सीआईएसएफ़ क़रीब 1,64,000 की नफ़री के साथ 354 संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और 65 से ज़्यादा संवेदनशील हवाई अड्डे,बंदरगाह,परमाणु इकाइयाँ,अंतरिक्ष संस्थान,कोयला,तेल और इस्पात के उत्पादन स्थल तथा समुद्र में भी तेल उत्पादन संयंत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है और वहाँ की सुरक्षा भी करता है। श्री अमित शाह ने कहा कि यह बहुत ही प्रशंसनीय है कि क़रीब 22 साल से देश के संवेदनशील और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सुरक्षा का दायित्व सीआईएसएफ़ को मिला है। कुछ ही समय में इनके दायित्व का दायरा और विस्तृत होने वाला है।

अमित शाह ने कहा कि देश में जब मेट्रो को लाया गया तो उसकी सुरक्षा का दायित्व भी केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल को सौंपा गया और यह वह समय था जब लंदन मेट्रो में धमाके हुए थे। बड़ी सुर्खियां बनी हुई थी कि हमारे यहां मेट्रो की सुरक्षा का क्या होगा। मगर मैं सीआईएसएफ़ को बधाई देना चाहता हूँ उसने दिल्ली मेट्रो को बहुत ही सुचारू रूप से चलाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। गृह मंत्री ने कहा कि सभी सीएपीएफ में सीआईएसएफ ही अकेला ऐसा बल है जिसमें हम महिला कर्मियों की संख्या बढ़ा सकते हैं क्योंकि चाहे एयरपोर्ट हो या मेट्रो हो वहां हर रोज आपको 50% महिला यात्रियों को सुचारू रूप से यात्रा करते हुए उनकी सुविधा को बढ़ाना है। मैं आज इस मंच से सीआईएसएफ महानिदेशक से यह अवश्य कहना चाहता हूँ कि इस दिशा में विशेष सोच और विशेष प्रयास कर सीआईएसएफ में महिला कर्मियों का अनुपात जो अभी 94 और 6 का है,उसे कम से कम 80 और 20 तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए। श्री अमित शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा में चाहे वह जम्मू-कश्मीर हो या नक्सल प्रभावित क्षेत्र हो, जहां जहां भी सीआईएसएफ की तैनाती की गई है वहाँ औद्योगिक सुरक्षा बल होने और इस तरह के काम की ट्रेनिंग न होने के बावजूद भी सीआईएसएफ के जवानों ने बहुत अच्छे तरीके से काम किया है और कई बार वीरता का प्रदर्शन भी किया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि यह हमारी आजादी का अमृत महोत्सव का वर्ष है। आजादी के 75 साल किसी भी देश के लिए उपलब्धियों के साल होते है।हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने यह फ़ैसला किया है कि आजादी के अमृत महोत्सव में आजादी प्राप्त करने के लिए अपने जीवन का बलिदान देने और अपना सब कुछ खो देने वाले वीरों से युवा पीढ़ी को परिचित करवाने के साथ ही आजादी की शताब्दी मनाने पर देश कहां पहुंचेगा इसका संकल्प लेने का वर्ष भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 75 साल से 100 साल तक की देश की इस यात्रा को अमृत काल के रूप में देश की जनता के सामने रखा है।अमृत काल सिर्फ गौरव गान के लिए नहीं है बल्कि हमारे भविष्य को अमृतमय बनाने के लिए है। जो संकल्प हम इन 25 साल में लेंगे उनकी सिद्धि की यात्रा कठोर परिश्रम के साथ 75 से 100 साल तक ले जाने का काम करना है।

अमित शाह ने कहा कि सीआईएसएफ के सामने भी ढेर सारी नई स्थिति आएँगी। ढाई ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी से 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी की यात्रा में बहुत सारे प्राइवेट सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में बड़ी बड़ी इकाइयां स्थापित होंगी। डिफेंस सेक्टर, अंतरिक्ष और ड्रोन सहित हर क्षेत्र के अंदर बहुत सारा प्राइवेट औद्योगिक उत्पादन भी आने वाला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का जो लक्ष्य रखा है उसे आगे बढ़ाते हुए सीआईएसएफ को 5 साल का एक रोडमैप तैयार करना चाहिए जिसमें हम सीआईएसएफ को भविष्य के 25 साल के लिए तैयार करें। साथ ही 25 साल का एक रोडमैप तैयार किया जाए जिसके माध्यम से हम सीआईएसएफ को शताब्दी के वर्ष में सुसज्जित कर परिणाम देने वाली संस्था के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि देश में प्राइवेट सिक्योरिटी का काम बहुत तेजी से बढ़ रहा है,सरकार ने इसके लिए कानून और नियम भी बनाए हैं। क्या सीआईएसएफ़ उनकी ट्रेनिंग का जिम्मा ले सकता है।औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा करने वाली प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी की ट्रेनिंग का जिम्मा भी क्या सीआईएसएफ ले सकता है। श्री अमित शाह ने कहा कि कुछ मॉडल्स बनाए जा सकते हैं जैसे 1,000 कर्मियों वाली उत्पादन इकाइयां,5,000 और 10,000 कर्मियों वाली उत्पादन इकाइयां। साथ ही कुछ चुनिंदा क्षेत्रों की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए उसके सुरक्षा का मॉडल। यह सभी कार्य कर प्राइवेट एजेंसियों की भी दक्षता बढ़ानी पड़ेगी क्योंकि सीआईएसएफ अकेला पूरे देश के औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमें एक हाइब्रिड मॉडल खड़ा करना चाहिए जिसकी रणनीति तो सीआइएसएफ बनाए परंतु जिसमे प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियां और सीआईएसएफ़ दोनों हाइब्रिड मोड पर सुरक्षा का एक पूरा खाका तैयार कर सुरक्षा प्रदान करें और धीरे-धीरे उसे प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों को हैंडओवर कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारे सीमांत क्षेत्र और समुद्री किनारों की औद्योगिक इकाइयों पर ड्रोन का खतरा बहुत बढ़ता हुआ दिखाई पड़ता है। इसे ध्यान में रखकर ड्रोन विरोधी मॉडल्स और ड्रोन रोधी टेक्नोलॉजी तैयार करने के लिए काम कर रहे डीआरडीओ और बीएसएफ़ जैसे संस्थानों के साथ मिलकर सीआईएसएफ को औद्योगिक सुरक्षा में ड्रोन रोधी इकाईयाँ कैसे काम करें और इससे औद्योगिक उत्पादन करने वाली इकाइयों को कैसे सुरक्षित किया जाए इस दिेशा में आगे बढ़ना होगा।

अमित शाह ने कहा कि सीआईएसफ फर्स्ट रिस्पांडर होता है इसलिए चुस्ती,स्फूर्ति और अपने ध्येय के प्रति समर्पण इन तीनों को ट्रेनिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना पड़ेगा। साथ ही एक साइबर-फिजिकल सिस्टम का मॉडल भी तैयार करना होगा। गृह मंत्री ने मोदी सरकार की आयुष्मान सीएपीएफ योजना को सीआईएसएफ़ में शत-प्रतिशत लागू करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि इसके साथ ही हाउसिंग अनुपात को सुधारने और जवानों के कल्याण के अन्य कामों पर भी बल देना चाहिये। श्री शाह ने कहा कि सीआईएसएफ ने वृक्षारोपण  अभियान के तहत 2020 और 2021 में अपने लक्ष्य से कहीं ज्यादा पौधों का रोपण कर बहुत बढ़िया काम किया है। उन्होंने कहा कि आज मैं एक बार फिर सीआईएसएफ के सभी जवानों से यह कहना चाहता हूं कि देश की औद्योगिक सुरक्षा और औद्योगिक उत्पादन आपके बगैर शांति से संभव नहीं है। इसलिए हमें आने वाले समय की चुनौतियों को पहचानना भी पड़ेगा और इसके लिए अपने आपको तैयार भी करना पड़ेगा। इसे ध्यान में रखते हुए सीआईएसएफ  को अपने लक्ष्य निर्धारित करने होंगे।5 साल की कार्य योजना एक बेस तैयार करने के लिए और 25 साल की कार्य योजना देश के बढ़ते हुए अर्थतंत्र के साथ कदम-ताल मिलाने के लिए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इन दोनों को हमें इसी वर्ष तैयार करना है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पूरे देश और पूरे देश के अर्थतंत्र से जुड़े जगत को सीआईएसएफ पर गौरव भी है और हम सब आपकी सेवाओं की बहुत मन से सराहना भी करते हैं।