मिशन कर्मयोगी हरियाणा के माध्यम से कर्मचारियों को दिया जा रहा है नैतिक प्रशिक्षण

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने और सर्विस डिलीवरी को सरल व सुगम करने के लिए ऐसा सिस्टम बनाया है, जिसमें पारदर्शिता, सरलता व ईमानदारी है, जिस तक हर व्यक्ति की सीधी पहुंच है। पिछले 9 वर्षों से चलाए जा रहे इस अभियान के अब सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। अब सरकार और नागरिक के बीच कोई बिचौलिया नहीं है। आज व्यवस्था परिवर्तन के फलस्वरूप नागरिक घर बैठे विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री सीएम की विशेष चर्चा कार्यक्रम के तहत ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न सेवाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद कर रहे थे।

मनोहर लाल ने कहा कि आज भ्रष्टाचार विरोधी दिवस है, भ्रष्टाचार एक सामाजिक बुराई है, इसे रोकने के लिए अनेक उपाय प्रशासन के स्तर पर किए जाते रहे हैं। भ्रष्टाचार को तभी रोका जा सकता है, जब पूरा समाज इसके खिलाफ उठ खड़ा हो।

उन्होंने कहा कि आज के संवाद में विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को सेवा पाने में कोई दिक्कत हुई हो तो मुझे बताएं। इससे पता चलेगा कि सिस्टम में सुधार हुआ है अथवा अभी भी कोई कमी बची है। इस दौरान गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी वी एस एन प्रसाद, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री विकास गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डा. साकेत कुमार मौजूद रहे।

मिशन कर्मयोगी हरियाणा के माध्यम से कर्मचारियों को दिया जा रहा है नैतिक प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक के लिए नियम व कानून बने हैं, उनके तहत दंड भी तय किया गया है, लेकिन दंड व भय से कोई व्यक्ति तो ठीक हो सकता है, लेकिन सिस्टम ठीक नहीं हो सकता। यह तभी ठीक होगा, जब हम अपने नैतिक व्यवहार, मूल्यों और सिद्धांतों को और भी सुदृढ़ करें तथा कर्तव्य पालन एवं सेवाभाव पर जोर दें। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार ने मिशन कर्मयोगी हरियाणा चलाया है। इसके तहत प्रदेश के 3 लाख कर्मचारियों के नैतिक प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया है। यदि हम नैतिक रूप से सुदृढ़ होंगे तो अपने कर्तव्य पालन में कोताही नहीं बरतेंगे।

उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री नहीं था और समाज सेवा के काम में लगा था, तभी मैंने महसूस किया था कि सरकारी सिस्टम में ऐसी कमियां हैं, जिनके कारण आम आदमी को किसी योजना अथवा सेवा का पात्र होते हुए भी सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते थे। इस बात को लेकर मन में बड़ी टीस थी। इसलिए वर्ष 2014 में जनसेवा का दायित्व संभालते ही हमने सबसे पहले सिस्टम को ठीक कर लोगों को सेवाओं व योजनाओं का लाभ सरलता से पहुंचाने का बीड़ा उठाया था।

परिवार पहचान पत्र सरकार और नागरिकों के बीच सेतु का कर रहा काम

मनोहर लाल ने कहा कि हमारी सरकार ने परिवार पहचान पत्र बनाकर नागरिक और सरकार दोनों के बीच सेतु का काम किया है। इस एक दस्तावेज के साथ हम सभी योजनाओं एवं सेवाओं को जोड़ते जा रहे हैं। परिवार पहचान पत्र से ही अब जन्म-मृत्यु का डेटा ऑटो अपडेट हो जाता है। युवाओं की शिक्षा, कौशल व बेरोजगारी का डेटा भी इसके पोर्टल पर डाला गया है। इससे प्रदेश के सभी परिवारों की आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति का पता भी चलता है। ये सभी ऐसे तथ्य हैं, जो सरकारी योजनाओं व सेवाओं की पात्रता तय करने के लिए आवश्यक हैं। इसका परिणाम यह है कि अब लोगों को विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन तक नहीं करने पड़ते। सरकार स्वयं उनकी पात्रता को जानकर उन्हें घर बैठे लाभ प्रदान कर रही है। वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग पेंशन, चिरायु कार्ड, बी.पी.एल. कार्ड आदि इसके उदाहरण हैं।

रजिस्ट्रियों के लिए ई-पंजीकरण प्रणाली है कारगर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन लाभार्थियों के साथ भी संवाद हुआ है, जिन्होंने पिछले दिनों अपनी जमीन, मकान व अन्य संपत्ति की रजिस्ट्री करवाई है। मुझे विश्वास है कि आपको रजिस्ट्री करवाने में कोई परेशानी नहीं आई होगी। हमने नागरिकों के समय की बचत के लिए ई-पंजीकरण प्रणाली शुरू की। अब रजिस्ट्री के लिए कोई भी व्यक्ति पहले ही अपॉइंटमेंट ले सकता है और उस जिले की किसी भी तहसील में रजिस्ट्री करवा सकता है।

प्रॉपर्टी आई.डी से लोगों की संपत्ति हुई सुरक्षित

मनोहर लाल ने कहा कि जब हमने प्रॉपर्टी आई.डी. बनाना शुरू किया तो लोगों को कुछ परेशानी हुई थी। विपक्षी पार्टियों ने तो इसे मुद्दा बना दिया था। हालांकि, जब हम कोई नया काम शुरू करते हैं तो शुरुआत में ऐसी दिक्कतें आती हैं। हमने विशेष कैंप लगाकर लोगों की प्रॉपर्टी आई.डी. ठीक करने का काम किया। अब विशिष्ट आई.डी. बन जाने से आपकी संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित हो गई है। अब कोई भी किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करके आपकी संपत्ति को अपने नाम नहीं करवा सकेगा।

आवास योजना के तहत लोगों का मकान बनाने सपना हुआ पूरा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना मकान बनाने वाले उन सभी लाभार्थियों को बधाई दी। नागरिकों को मिले पक्के मकान इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि सही नीयत से बनाई गई सरकारी योजनाएं साकार होती हैं और उनके असली हकदार लाभार्थियों तक पहुंचती भी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांवों व शहरों में 61 हजार मकान दिए गए हैं। इस योजना में हमने करीब 97 हजार मकान बनवाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना में 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवार मकान के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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बिजली के ऑनलाइन कमर्शियल कनेक्शन से लोगों को मिली राहत  

मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों को बिजली के कामर्शियल कनेक्शन के लिए परेशान होना पड़ता था। अब कनेक्शन ऑनलाइन कर दिए हैं। इससे लोगों को राहत मिली है। इसी तरह से विवाह पंजीकरण भी ऑनलाइन किए जाने से लोगों की दिक्कत दूर हुई है। राइट टू सर्विस कमिशन सेवा से भी लोगों को सुविधा मिली है।