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Wednesday, January 21, 2026
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अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद एकाएक बंद हुए 800 नंबर, UP STF के सामने खड़ा हुआ बड़ा सवाल

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अतीक- अशरफ हत्याकांड के बाद बंद मोबाइल नंबर ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है। उमेश पाल की हत्या के बाद इन नंबरों को सर्विलांस पर रखा गया था। लेकिन, माफिया डॉन और उसके भाई की हत्या के बाद से ये नंबर बंद हो गए हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 अप्रैल को माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद 800 मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गए। यह 800 मोबाइल नंबर अतीक अहमद से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने इन नंबरों को सर्विलांस पर रखा था 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद इन नंबरों की निगरानी शुरू की गई थी इनके कॉल डिटेल पर नजर रखी जा रही थी 15 अप्रैल को कॉल्विन अस्पताल परिसर में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद आश्चर्यजनक रूप से यह सभी नंबर बंद हो गए हैं। इसको लेकर अब तफ्तीश शुरू कर दी गई है।

प्रयागराज में 24 फरवरी को सुलेमसराय के जीटी रोड पर वकील उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ की जांच शुरू हो गई। इस जांच के दौरान यूपी पुलिस के सामने अतीक गैंग के मामले में हाथ होने के सुराग मिले। इस आधार पर एसटीएफ की टीम ने अतीक अहमद और गैंग के मददगारों के 800 नंबरों को सर्विलांस पर रखा।

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मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर माफिया डॉन और गैंग के अन्य सदस्यों के साथ होनी वाली किसी प्रकार की बातचीत पर नजर रखी जा रही थी। यूपी एसटीएफ की उमेश पाल मर्डर केस में जांच चल रही थी। इसी दौरान 15 अप्रैल को अतीक और अशरफ की हत्या हो गई। इस हत्याकांड के बाद तमाम नंबर बंद हो गए हैं।

यूपी एसटीएफ की ओर से इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर अचानक ये 800 नंबर बंद क्यों हो गए? अतीक के मददगारों ने क्या इस गैंग से मुंह फेर लिया? या फिर पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ के डर से ऐसा हुआ? इन सवालों के जवाब ढूंढ़े जा रहे हैं। दरअसल, उमेश पाल की हत्या के बाद से लगातार अतीक अहमद, उसके परिवार, गैंग के सदस्यों और मददगारों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई चल रही है।

अतीक के जीवित रहने तक मददगारों को माफिया और उसके कनेक्शन से मदद मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, मौत के बाद उन्हें अब किसी प्रकार की मदद मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही। ऐसे में वे गैंग से कन्नी काटते भी दिख सकते हैं। इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस और एसटीएफ नजर रख रही है।