
श्रीलंका के नेगोम्बो शहर स्थित एक जेल में कैदियों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में 29 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों में 25 कैदी और 4 जेल सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह पिछले पांच वर्षों में श्रीलंका की सबसे घातक जेल हिंसा मानी जा रही है।
यह घटना राजधानी कोलंबो के उत्तर में स्थित नेगोम्बो की मुख्य जेल में हुई। पुलिस के मुताबिक, रविवार रात जेल में बंद ड्रग माफियाओं के दो विरोधी गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया और सोमवार सुबह तक दंगे का रूप ले लिया।
झड़प के दौरान जेल परिसर में भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। घटना के बाद घायल कैदियों और सुरक्षाकर्मियों को तत्काल नेगोम्बो सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल की निदेशक पुष्पा गमलाथ ने बताया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में घायलों को लाया गया है। घायलों में कई लोगों को गोली लगी है, जबकि कुछ के शरीर पर धारदार हथियारों से किए गए हमलों के गहरे घाव और गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नेगोम्बो जेल में क्षमता से कहीं अधिक कैदी बंद हैं, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। माना जा रहा है कि जेल में बढ़ती भीड़ और आपराधिक गुटों के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी भी इस हिंसक घटना की एक बड़ी वजह हो सकती है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि दंगे की वास्तविक वजह, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की विस्तृत जांच की जा रही है।













