
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसने बताया कि चोरी की वारदात लंबे समय से चल रही थी और इसमें शामिल आरोपी हर बार लाखों रुपये निकालकर आपस में बराबर बांट लेते थे।
बताया गया कि अविनाश करीब एक साल पहले मंदिर में नौकरी पर लगा था और उसी समय से इस कथित गड़बड़ी का हिस्सा बन गया। उसके अनुसार, चोरी की रकम का बंटवारा सभी आरोपियों के बीच किया जाता था, हालांकि कभी-कभी कोई आरोपी अधिक राशि भी ले जाता था।
CCTV से छेड़छाड़ कर मिटाए गए सबूत
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अपनी करतूत छिपाने के लिए कई बार मंदिर के कंट्रोल रूम में जाकर सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ की। सूत्रों के अनुसार, एक-दो बार फुटेज डिलीट करने में भी वे सफल रहे। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के लिए जरूरी वीडियो फुटेज उसके पास सुरक्षित हैं और उन्हें अहम सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि जब दान राशि की गणना होती थी, तब आरोपी एक-दूसरे को घेरकर खड़े हो जाते थे ताकि कैमरों में उनकी गतिविधियां स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड न हो सकें। वहीं गणना इंचार्ज और निगरानी से जुड़े कुछ लोगों पर भी संदेह जताया जा रहा है कि उन्होंने आरोपियों की मदद की।
टिन्नू और सुभाष की मिलीभगत का दावा
पूछताछ में अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर बताया कि टिन्नू यादव और सुभाष की मिलीभगत के कारण उसे पकड़े जाने का डर नहीं था। उसने दावा किया कि टिन्नू अक्सर कहता था कि फुटेज डिलीट कर दिए जाएंगे और किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। यही वजह थी कि आरोपी लंबे समय तक बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देते रहे।
चोरी के पैसों से खरीदी कार और बनाया घर
सूत्रों के अनुसार, अविनाश ने चोरी की रकम से एक ब्रेजा कार खरीदी, गांव में मकान बनवाया और अपने भाई को भी आर्थिक मदद दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर ब्रेजा कार बरामद कर ली है। इसके अलावा निवेश से जुड़े कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इससे पहले पुलिस उसके कब्जे से 20.39 लाख रुपये नकद और 1,000 अमेरिकी डॉलर भी बरामद कर चुकी है।
बाग में होता था पैसों का बंटवारा
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को उस स्थान की भी जानकारी दी, जहां कथित तौर पर चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था। उसने 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भीखापुर के पास स्थित एक बाग की पहचान कराई, जहां पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच की। वहीं टिन्नू यादव के न्यू टीचर्स कॉलोनी स्थित हॉस्टल के कमरे से भी पुलिस ने स्टील की टंकी में रखी काली पन्नी से नकदी बरामद की है। इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
कई लोगों से पूछताछ, बैंक लेनदेन भी जांच के दायरे में
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने शुक्रवार को करीब 30 से 35 लोगों से पूछताछ की। इनमें मंदिर को बड़ी राशि दान देने वाले लोग, सुरक्षा कर्मी, प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े कुछ व्यक्ति और टिन्नू यादव के परिजन भी शामिल हैं। जांच टीम ने मंदिर के वित्तीय लेनदेन और ऑडिट प्रक्रिया की भी पड़ताल शुरू कर दी है। ट्रस्ट के लेखा-जोखा से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से संपर्क कर जानकारी ली गई है। वहीं एसबीआई के मैनेजर समेत बैंक के कई कर्मचारियों से भी लंबी पूछताछ की गई है। जांच एजेंसियां बैंक लेनदेन में किसी संभावित लापरवाही या मिलीभगत की भी जांच कर रही हैं।
ऑडिट और प्रशासनिक व्यवस्था भी जांच के घेरे में
एसआईटी ने शुक्रवार को एक बार फिर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से मुलाकात कर ऑडिट से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कुछ वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इस बीच मंदिर के निर्माण सहायक गोपाल राव के अयोध्या से बाहर जाने की भी चर्चा है, जबकि मंदिर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हुए नए एसपी सुरक्षा की तैनाती की गई है।
फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे भी कई अहम खुलासे और नई कार्रवाई हो सकती है।












