
उत्तराखंड में होने वाली पवित्र चारधाम यात्रा को लेकर इस बार सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को साफ, सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यात्रा मार्गों पर क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और मोबाइल फूड सेफ्टी वैन तैनात कर दी हैं। इन टीमों का उद्देश्य रास्ते में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करना है, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट या लापरवाही को रोका जा सके।
समय-समय पर जांच के आदेश
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर स्थित होटल और ढाबों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती रोटेशन के आधार पर की गई है। ये अधिकारी समय-समय पर खाने-पीने की चीजों की जांच करेंगे और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे।
इसके साथ ही होटल संचालकों, ढाबा मालिकों और अन्य खाद्य कारोबारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस पहल का मकसद यह है कि तीर्थयात्रियों को ताजा, स्वच्छ और मिलावट रहित भोजन मिल सके। अब तक उत्तरकाशी, श्रीनगर, देवप्रयाग, चंबा और रुद्रप्रयाग सहित कई स्थानों पर 250 से अधिक कारोबारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
जारी किया टोल फ्री नंबर
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिकायत निवारण के लिए टोल फ्री नंबर 18001804246 भी जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
साथ ही, सरकार इस बार चारधाम यात्रा को “ग्रीन यात्रा” के रूप में भी संचालित करने पर जोर दे रही है। इसके तहत सिंगल यूज प्लास्टिक को कम करने और Reduce, Reuse, Recycle के सिद्धांत को अपनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं, इसलिए उनका अनुभव सुरक्षित, स्वच्छ और संतोषजनक बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।













