
अमेरिका और चीन के बीच जारी कूटनीतिक तनाव अब ईरान मुद्दे पर और तेज हो गया है। चीन ने उन अमेरिकी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि बीजिंग ईरान को सैन्य सहायता दे रहा है। चीन ने इन दावों को “झूठा और मनगढ़ंत” बताते हुए अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है।
चीन का सख्त जवाब: “आरोप पूरी तरह बेबुनियाद”
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह सैन्य निर्यात के मामले में एक जिम्मेदार देश है और उसके सभी रक्षा सौदे अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों के तहत होते हैं। चीन के अनुसार, अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और केवल उसकी छवि खराब करने की कोशिश है।
टैरिफ पर बढ़ सकता है विवाद
चीन ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका इन आरोपों के आधार पर चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाता है, तो वह भी कड़े आर्थिक कदम उठाएगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आगे चलकर नए व्यापार युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सैन्य निर्यात पर दी सफाई
चीन ने दोहराया कि उसकी सैन्य निर्यात प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और सख्त नियंत्रण में है। वह किसी भी देश को अवैध तरीके से हथियार उपलब्ध नहीं कराता और वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, अमेरिका-चीन के बीच यह बढ़ता टकराव आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।













