
देहरादून में मंगलवार को आस्था और विकास का अनोखा संगम देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड दौरे की शुरुआत सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। मंदिर में शीश नवाने के बाद उन्होंने 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया।
मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री दोपहर में मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से करीब दस मिनट तक पूजा की। उन्होंने मां काली से प्रदेश की खुशहाली और देश की प्रगति की कामना की। देहरादून और सहारनपुर सीमा पर स्थित यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे की बड़ी सौगात
लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री ने 210 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। इस परियोजना से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग ढाई से तीन घंटे रह जाएगा, जिससे यातायात और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा।
विकास कार्यों की सराहना
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उत्तराखंड नए आयाम स्थापित कर रहा है।
आस्था के साथ आगे बढ़ता विकास
प्रधानमंत्री के इस दौरे ने यह संदेश दिया कि आधुनिक विकास के साथ देश अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को भी साथ लेकर चल रहा है। उत्तराखंड में किसी भी शुभ कार्य से पहले मां डाट काली का आशीर्वाद लेने की परंपरा को निभाते हुए उन्होंने विकास कार्यों की शुरुआत की।












