
युद्ध जैसे हालात के बीच पाकिस्तान में तेल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राजधानी इस्लामाबाद में अगले 30 दिनों के लिए सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट को फ्री कर दिया है।सरकार का मकसद है कि लोग कम से कम निजी वाहनों का इस्तेमाल करें और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम किया जा सके।
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी के बाद तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। पाकिस्तान के पास पर्याप्त तेल भंडार नहीं होने के कारण संकट और गहरा गया है। पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 458 रुपये और डीजल 520 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जबकि केरोसिन भी 457 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बाद पिछले 28 दिनों में पेट्रोल 192 रुपये और डीजल 239 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। आर्थिक मामलों के सलाहकार खुर्रम शहजाद के मुताबिक, पिछले महीने पेट्रोल की खपत में 8% और डीजल की खपत में 13% की बढ़ोतरी हुई है, जो मौजूदा संकट के बीच चिंता बढ़ाने वाली बात है। तेल संकट और महंगाई के कारण पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात जल्द सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं।













