बांग्लादेश में कारोबारी हिंदू पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश, तालाब में कूदकर बचाई जान

3

बांग्लादेश के शरियतपुर जिले के दामुद्या इलाके में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बदमाशों ने एक कारोबारी पर पहले बेरहमी से हमला किया, फिर धारदार हथियार से वार किया और अंत में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से घायल कारोबारी ने सड़क किनारे बने तालाब में कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हालत नाजुक होने पर उन्हें ढाका रेफर किया गया है।

घायल कारोबारी की पहचान 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास के रूप में हुई है। वह केनश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार में दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार करते हैं। पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 9:30 बजे खोकन चंद्र दास दुकान बंद कर दिन की कमाई लेकर सीएनजी ऑटो से घर लौट रहे थे। इसी दौरान दामुद्या-शरियतपुर रोड पर केउरभंगा बाजार के पास बदमाशों ने उनका ऑटो रुकवाया और हमला कर दिया।

पहले पिटाई, फिर चाकू से वार और आग के हवाले किया

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले खोकन चंद्र दास की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद धारदार हथियार से उन पर हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इतने पर भी बदमाश नहीं रुके—उन्होंने उनके सिर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस अचानक हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

तालाब में कूदकर बची जान

आग की लपटों में घिरे खोकन चंद्र दास ने जान बचाने के लिए सड़क किनारे स्थित एक तालाब में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर हमलावर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तालाब से बाहर निकाला और रात करीब 10 बजे शरियतपुर सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें उसी रात ढाका रेफर कर दिया गया।

पत्नी का आरोप—पहचान हो जाने पर मारने की कोशिश

घायल की पत्नी सीमा दास ने बताया कि उनके पति रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी वजह से बदमाशों ने उन्हें जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की। सीमा दास के मुताबिक, परिवार की किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं था, ऐसे में इस हमले की वजह समझ से बाहर है।

डॉक्टरों ने बताई गंभीर स्थिति

शरियतपुर सदर अस्पताल के डॉक्टर नज़रुल इस्लाम ने बताया कि खोकन चंद्र दास के शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान हैं। पेट में गहरी चोट के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। इसके अलावा चेहरे, सिर के पिछले हिस्से और हाथों पर जलने के गंभीर निशान पाए गए हैं।

दो आरोपियों की पहचान, तलाश जारी

दामुद्या थाने के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रबीउल हक ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में दो आरोपियों की पहचान रब्बी और सोहाग के रूप में हुई है, जो स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात में और कौन-कौन शामिल था।