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Friday, January 30, 2026
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सरदार पटेल का सशक्त, समावेशी भारत का सपना अब पूरा हो रहा है- पीएम मोदी

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सरदार वल्लभ भाई पटेल का सशक्त, समावेशी भारत का सपना अब पूरा हो रहा है- पीएम मोदी

नई दिल्ली- 31 अक्टूबर आज सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है। सरदार वल्लभ पटेल जी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही सभी देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत के लिए अपने जीवन का हर पल समर्पित कर दिया था। सरदार पटेल जी सिर्फ इतिहास में ही नहीं बल्कि हम देशवासियों के हृदय में भी हैं। आज देश भर में एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ रहे हमारे ऊर्जावान साथी भारत की अखंडता के प्रति अखंड भाव के प्रतीक हैं। ये भावना हम देश के कोने-कोने में हो रही राष्ट्रीय एकता परेड में, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर हो रहे आयोजनों में भलीभांति देख रहे हैं।

सरदार वल्लभ भाई पटेल का सशक्त, समावेशी भारत का सपना अब पूरा हो रहा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत सिर्फ एक भौगोलिक इकाई नहीं है बल्कि आदर्शों, संकल्पनाओं, सभ्यता-संस्कृति के उदार मानकों से परिपूर्ण राष्ट्र है। धरती के जिस भू-भाग पर हम 130 करोड़ से अधिक भारतीय रहते हैं, वो हमारी आत्मा का, हमारे सपनों का, हमारी आकांक्षाओं का अखंड हिस्सा है। पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल हमेशा चाहते थे कि, भारत सशक्त हो, भारत समावेशी भी हो, भारत संवेदनशील हो और भारत सतर्क भी हो, विनम्र भी हो, विकसित भी हो। उन्होंने देशहित को हमेशा सर्वोपरि रखा। आज उनकी प्रेरणा से भारत, बाहरी और आंतरिक, हर प्रकार की चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह से सक्षम हो रहा है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल का सशक्त, समावेशी भारत का सपना अब पूरा हो रहा है- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 7 वर्षों में देश ने दशकों पुराने अवांछित कानूनों से मुक्ति पाई है, राष्ट्रीय एकता को संजोने वाले आदर्शों को नई ऊंचाई दी है। जम्मू-कश्मीर हो, नॉर्थ ईस्ट हो या दूर हिमालय का कोई गांव, आज सभी प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। देश में हो रहा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, देश में भौगोलिक और सांस्कृतिक दूरियों को मिटाने का काम कर रहा है। जब देश के लोगों को एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने से पहले ही सौ बार सोचना पड़े, तो फिर काम कैसे चलेगा? एक भारत-श्रेष्ठ भारत की इसी भावना को मजबूत करते हुए, आज देश में सामाजिक, आर्थिक और संवैधानिक एकीकरण का महायज्ञ चल रहा है।

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