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Saturday, January 31, 2026
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने की घोषणा, तीन वीरांगनाओं के नाम पर महिला PAC बटालियन की स्थापना

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लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज में रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया। वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर आज यानी 20 मार्च को राष्ट्र उनको नमन कर रहा है। इस अवसर पर उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी मौजूद थीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि भारत वीरों की धरती है। यहां पर महान वीरागनाओं ने भी देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा इन महान वीरागनाओं ने अपना बलिदान देकर हमकों आजादी दी है। वीरागनाओं को हम नमन करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार मातृ शक्ति को नमन करने के साथ ही उनकी सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन के लिए मिशन एक विशेष कार्यक्रम मिशन शक्ति के रूप में शुरू किया है। इसी मिशन शक्ति के तहत हमने उत्तर प्रदेश पुलिस में 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए हैं। जिससे कि नारी की गरिमा के सम्मान की रक्षा हर हाल में हो। इसके साथ ही वीरागनाओं के बलिदान की भी चर्चा हो। उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का आज बलिदान दिवस है। इस अवसर पर हम प्रदेश में तीन महिला पीएसी बटालियन की भी शुरुआत कर रहे हैं। इनका नाम की महान वीरांगनाओं के नाम पर है। इन तीन वीरांगनाओं ने देश की आजादी के लिए अपने को बलिदान किया। हमारी सरकार तीन महिला पीएसी बटालियन की स्थापना झलकारी बाई, रानी अवंतीबाई लोधी तथा वीरांगना उदादेवी के नाम पर पर रही है। यह भी इनके बलिदान के सम्मान का एक माध्यम है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि आजादी के आंदोलन में तीन महिला योद्धाओं के योगदान को देखकर हमने उत्तर प्रदेश में पीएसी की तीन महिला बटालियन का नामकरण उनके नाम पर किया है। रानी अवंतीबाई लोधी, उदा देवी और झलकारी बाई के नाम पर स्थापित होने वाली महिला पीएसी बटालियन को लेकर औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस 20 मार्च को होता है। हमने प्रदेश में 1535 थाना में महिला सुरक्षा डेस्क की स्थापना की है। इसके साथ ही महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की शिकायत तत्काल दर्ज कराने के साथ ही उस पर त्वरित गति से सुनवाई भी होती है। हर मंडल में महिलाओं के खिलाफ होने वाले साइबर अपराध की सुनवाई के लिए पुलिस महानिरीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। हमारा प्रयास है कि हर जिले में कम से कम पांच महिला पुलिस की रिपोर्टिंग चौकी भी स्थापित हो।