
जॉर्जिया मेलोनी और नरेंद्र मोदी की रोम में हुई मुलाकात ने भारत और इटली के संबंधों को नई मजबूती देने का संकेत दिया है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और व्यापक बनाने पर जोर देते हुए व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के बाद मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतंत्र, आर्थिक स्थिरता और सतत विकास जैसी वैश्विक प्राथमिकताओं पर एक समान सोच रखते हैं। मेलोनी ने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और नवाचार क्षमता की सराहना करते हुए इसे इटली के लिए बड़ा अवसर बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी भारत-इटली संबंधों को “गहरे और प्रगतिशील” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
बैठक में दोनों देशों के उद्योग और तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधि भी शामिल रहे, जिन्होंने भारत में निवेश और नई साझेदारियों की संभावनाओं पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने उच्चस्तरीय वार्ताओं और आपसी यात्राओं को बढ़ावा देने पर भी सहमति जताई।
संयुक्त बयान में भारत और इटली ने वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने का संकल्प दोहराया। कोविड-19 महामारी के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा, जलवायु संकट और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।
इस मुलाकात को भारत-इटली संबंधों में नई ऊर्जा और दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। दोनों देशों ने आने वाले समय में शिक्षा, विज्ञान, स्वास्थ्य और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और आगे बढ़ाने का संकेत दिया। साथ ही युवाओं, स्टार्टअप्स और व्यवसायियों के बीच संपर्क मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया।













