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Tuesday, May 19, 2026
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1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य पर भारत का बड़ा दांव, 38 देशों से व्यापार समझौतों पर फोकस

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत को वैश्विक व्यापार शक्ति बनाने की दिशा में बड़ा रोडमैप पेश किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के निर्यात को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है और इसके लिए 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) तथा आर्थिक साझेदारियों पर तेजी से काम किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि भारत के पास उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद, मजबूत विनिर्माण क्षमता और तेजी से बढ़ता औद्योगिक आधार है। ऐसे में नए वैश्विक बाजार खुलने से भारतीय निर्यातकों को बड़े अवसर मिलेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के प्रमुख निर्यातक देशों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

गोयल के अनुसार सरकार कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दे रही है। इन क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नीतिगत सुधार, आसान नियम और डिजिटल प्रक्रियाओं को लागू किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, जबकि कई अन्य देशों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। सरकार का उद्देश्य भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और निर्यात प्रक्रिया को सरल करना है।

निर्यात बढ़ाने की रणनीति

  • 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य पर फोकस
  • 38 देशों के साथ FTA और आर्थिक साझेदारी
  • कृषि, फार्मा, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा
  • डिजिटल प्रक्रियाओं और आसान नियमों पर जोर
  • MSME और छोटे उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी

मंत्री ने कहा कि “डिजिटल इंडिया” और “मेक इन इंडिया” जैसी पहलें भी इस रणनीति का अहम हिस्सा हैं। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा और रोजगार सृजन को भी गति मिलेगी।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही रणनीति, वैश्विक साझेदारी और उत्पादन क्षमता बढ़ाने से भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सकता है। उनका कहना है कि निर्यात बढ़ने से विदेशी निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

सरकार का मानना है कि नई व्यापार नीतियों और वैश्विक सहयोग के जरिए भारत आने वाले वर्षों में विश्व व्यापार में अपनी हिस्सेदारी को तेजी से बढ़ा सकता है।