
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान और सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर चर्चा में हैं। इस बार विवाद पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर खड़ा हुआ है, जिसे एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप जलडमरूमध्य के रूप में दिखाया गया।
यह मामला तब सामने आया जब ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट री-शेयर किया, जिसमें इस रणनीतिक जलमार्ग का नाम बदलकर Trump Strait दर्शाया गया था। हालांकि, बाद में वह मूल पोस्ट प्लेटफॉर्म से गायब हो गई, जिससे पूरे घटनाक्रम पर और सवाल खड़े हो गए हैं।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम केंद्र है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल परिवहन होता है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण यह क्षेत्र पहले से ही बेहद संवेदनशील बना हुआ है।
ट्रंप के इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का नाम एकतरफा तरीके से बदलना संभव नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में नहीं आता।
जहां ट्रंप समर्थक इसे उनके सशक्त नेतृत्व और आक्रामक विदेश नीति का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं आलोचकों का मानना है कि इस तरह के बयान पहले से ही तनावग्रस्त पश्चिम एशिया क्षेत्र में अनावश्यक विवाद और अस्थिरता बढ़ा सकते हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम दिखाता है कि आज के दौर में सोशल मीडिया पोस्ट भी वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरा असर डाल सकते हैं, खासकर जब मामला इतने महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र से जुड़ा हो।













