
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार तड़के रूस ने यूक्रेन के कई रिहायशी इलाकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला किया। राजधानी कीव समेत खार्किव और ओडेसा जैसे शहरों में जोरदार धमाकों से लोग दहशत में आ गए। इस हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने तीखा बयान देते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का युद्ध खत्म करने का कोई इरादा नहीं है।
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने इस हमले में ‘किंजल’ हाइपरसोनिक मिसाइलों और ईरान निर्मित ‘शाहेद’ ड्रोन का इस्तेमाल किया। हमलों का मुख्य निशाना देश का ऊर्जा नेटवर्क रहा, जिससे कड़ाके की ठंड के बीच आम नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचने और नागरिकों के हताहत होने की भी खबर है, हालांकि यूक्रेन ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
हमले के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि जब भी दुनिया शांति की बात करती है, रूस मिसाइलों से जवाब देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुतिन केवल विनाश चाहते हैं और बातचीत की सारी बातें सिर्फ दिखावा हैं। जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से यूक्रेन को और अधिक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और लंबी दूरी के हथियार देने की अपील भी की, ताकि रूसी हमलों का प्रभावी जवाब दिया जा सके।
वहीं दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि हमले केवल सैन्य ठिकानों और उन ऊर्जा केंद्रों पर किए गए जो यूक्रेनी सेना को समर्थन देते हैं। रूस ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज किया है। इस बीच, यूरोपीय देशों ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवीय संकट को और गहरा करने वाला कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमले यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकते हैं और इससे वैश्विक चिंता और बढ़ेगी।













